आम लोगों के लिए खुल गया लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे, 35 मिनट में पूरा होगा सफर; बिना रुके कटेगा टोल
TV9 Bharatvarsh July 13, 2026 08:43 PM

Lucknow-Kanpur Expressway: उत्तर प्रदेश के सड़क बुनियादी ढांचे को बड़ी सौगात देते हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से इस अत्याधुनिक 6-लेन एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया. एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद अब लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय करीब ढाई से तीन घंटे के बजाय केवल 35 से 45 मिनट रह जाएगी. इससे लाखों दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा.

63 किलोमीटर लंबा है एक्सप्रेस-वे

करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे की शुरुआत लखनऊ के शहीद पथ से होती है और यह कानपुर के चकेरी तक जाता है. यह परियोजना नेशनल एक्सप्रेसवे-6 का हिस्सा है. इसकी लगभग 30 प्रतिशत लंबाई एलिवेटेड बनाई गई है, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहन बिना किसी बाधा के तेज गति से चल सकेंगे. फिलहाल एक्सप्रेसवे को छह लेन में विकसित किया गया है, लेकिन भविष्य में बढ़ते यातायात को देखते हुए इसे आठ लेन तक विस्तारित करने की भी योजना बनाई गई है.

120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन

एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के लिए अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति निर्धारित की गई है. इससे लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा पहले की तुलना में काफी तेज और सुविधाजनक होगी. खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों को रोजाना आने-जाने में समय की बड़ी बचत होगी. इसके अलावा सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, अयोध्या और सुल्तानपुर समेत कई जिलों के लोगों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा.

बिना रुके कटेगा टोल

इस एक्सप्रेस-वे की सबसे बड़ी विशेषता इसका बैरियर-फ्री टोल सिस्टम है. यहां पारंपरिक टोल प्लाजा की तरह वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा. आधुनिक तकनीक के जरिए वाहन चलते-चलते ही टोल का भुगतान कर सकेंगे. पूरे रूट पर कुल पांच टोल प्वाइंट बनाए गए हैं. इनमें आउटर रिंग रोड से जुड़े एक प्वाइंट पर किसी प्रकार का टोल नहीं लिया जाएगा, जबकि शेष चार स्थानों पर वाहन की श्रेणी के अनुसार शुल्क लिया जाएगा. इससे टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम से भी राहत मिलेगी.

आधुनिक तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था

NHAI ने एक्सप्रेस-वे को आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस किया है. पूरे मार्ग पर 4 बड़े पुल, 25 छोटे पुल, 4 फ्लाईओवर, 11 पैदल अंडरपास और 13 वाहन अंडरपास बनाए गए हैं. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे एक्सप्रेस-वे पर 63 सीसीटीवी कैमरे और 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDS) लगाए गए हैं. यदि कहीं दुर्घटना होती है तो कंट्रोल सेंटर को तुरंत सूचना मिलेगी और रेस्क्यू टीम को अलर्ट किया जाएगा. लक्ष्य है कि किसी भी आपात स्थिति में 15 मिनट के भीतर सहायता मौके पर पहुंच जाए.

3D AMG तकनीक से तैयार हुआ एक्सप्रेसवे

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण में आधुनिक 3D AMG (ऑटोमेटिक मशीन गाइडेंस) तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और मजबूती में सुधार हुआ है. परियोजना की आधारशिला पहली बार मार्च 2019 में रखी गई थी, जबकि बाद में 5 जनवरी 2022 को दोबारा इसका शिलान्यास किया गया. एक्सप्रेस-वे को तैयार करने में लगभग 4,700 करोड़ रुपए की लागत आई है. यह प्रदेश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेस-वे में शामिल हो गया है.

व्यापार और उद्योग को मिलेगा बड़ा फायदा

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे शुरू होने से दोनों शहरों के बीच माल परिवहन पहले की तुलना में अधिक तेज और सस्ता होगा. ट्रांसपोर्ट की लागत कम होने से उद्योगों और व्यापारियों को फायदा मिलेगा, जबकि सामान की समय पर डिलीवरी संभव हो सकेगी. इसके अलावा यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से भी जुड़ता है, जिससे उत्तर प्रदेश के कई जिलों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी.

प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे केवल दो शहरों को जोड़ने वाला मार्ग नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की आधुनिक सड़क अवसंरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. कम समय में सुरक्षित और तेज यात्रा, अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, बैरियर-फ्री टोल सिस्टम और भविष्य में आठ लेन तक विस्तार की योजना इसे प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल करती है. आने वाले समय में यह एक्सप्रेस-वे न केवल यात्रियों का समय बचाएगा, बल्कि व्यापार, निवेश और औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार देगा.

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