ओडिशा: भगवान जगन्नाथ की जमीनों की सुरक्षा के लिए ओडिशा सरकार ने जारी किए राज्यव्यापी निर्देश
Indias News Hindi July 14, 2026 04:42 AM

भुवनेश्वर, 13 जुलाई . Odisha Government ने भगवान श्री जगन्नाथ की जमीनों की सुरक्षा, रखरखाव और बेहतर प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के सभी राजस्व अधिकारियों को व्यापक निर्देश जारी किए हैं. Government ने मंदिर की भूमि के संरक्षण और कानूनी तरीके से प्रबंधन के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा है.

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अरविंद पाढ़ी ने राजस्व बोर्ड, सभी राजस्व मंडलीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों और भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशालय को पत्र लिखकर भगवान जगन्नाथ की संपत्तियों से जुड़े मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

डॉ. पाढ़ी ने कहा कि Odisha की पहचान भगवान श्री जगन्नाथ से गहराई से जुड़ी हुई है और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा करना राज्य की नैतिक जिम्मेदारी है. उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कानून, Government के दिशा-निर्देशों और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन द्वारा भेजे गए न्यायालय के आदेशों के अनुसार सख्ती से कार्रवाई करें.

राजस्व विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की ओर से विभिन्न तहसीलों में दायर 11,675 लंबित राजस्व मामलों का जल्द निपटारा किया जाए. ये मामले खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, गंजाम, कटक और केंद्रपाड़ा जिलों से संबंधित हैं.

इसके अलावा, Odisha एस्टेट्स एबोलिशन एक्ट की धारा 7(ए) के तहत दायर 257 मामलों में राजस्व बोर्ड के आदेशों को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.

भूमि रिकॉर्ड को सही रखने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर पुराने अधिकार अभिलेख के रिकॉर्ड की जांच की जाए. इसका उद्देश्य खेवट प्रविष्टियों में सुधार करना और मंदिर की दान संपत्तियों को कानून के अनुसार दर्ज करना है.

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि पुराने सेटलमेंट रिकॉर्ड और वर्तमान रिकॉर्ड के बीच संबंध स्थापित करने वाली रिपोर्ट सहित प्रमाणित दस्तावेज जल्द से जल्द श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि राजस्व बोर्ड के समक्ष लंबित मामलों का प्रभावी निपटारा हो सके.

भगवान जगन्नाथ की जमीनों की पहचान, सत्यापन और सुरक्षा के लिए राजस्व निरीक्षक, अमीन और अनुभवी क्षेत्रीय अधिकारियों को तैनात किया जाएगा. अवैध कब्जे, अनधिकृत उपयोग, फर्जी दावे और मंदिर की संपत्तियों पर निजी हित बनाने की कोशिशों को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

राजस्व विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि भगवान जगन्नाथ की भूमि से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए. इन मामलों की प्रगति की समीक्षा जिला, उपखंड और तहसील स्तर पर होने वाली मासिक राजस्व बैठकों में की जाएगी. साथ ही हर महीने स्थिति रिपोर्ट राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को भेजने को कहा गया है.

राज्य Government ने सभी जिला प्रशासन को सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, ताकि भगवान श्री जगन्नाथ की जमीनों का संरक्षण, सुरक्षा और कानूनी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके और अनावश्यक मुकदमों को कम किया जा सके.

एएमटी/डीकेपी

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