'पति का महिला दारोगा से अफेयर…' पत्नी के आरोप पर सार्जेंट मेजर पर केस, बोली- नौकरी लगते ही तलाक की रखी अजीब शर्त
TV9 Bharatvarsh July 14, 2026 07:43 PM

Patna News: बिहार पुलिस के एक अफसर पर गंभीर आरोप लगे हैं. राजधानी पटना में तैनात बिहार पुलिस के ट्रैफिक सार्जेंट मेजर (इंस्पेक्टर) अविनाश राज रंजन पर उनकी पत्नी नीतू कुमारी ने घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, मारपीट, गर्भपात के लिए दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी जैसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. महिला का दावा है कि पति का बिहार पुलिस की एक महिला दरोगा से प्रेम संबंध है और उसी से शादी करने के लिए उसे रास्ते से हटाने की कोशिश की जा रही है.

नीतू कुमारी ने सचिवालय थाने में दर्ज कराई शिकायत में कहा है कि उनकी और अविनाश की मुलाकात वर्ष 2014 में पटना में हुई थी. उस समय वह मेडिकल की तैयारी करने आई थीं. दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई. करीब छह साल तक रिश्ते में रहने के बाद दोनों परिवारों की सहमति से 17 अप्रैल 2022 को खुसरूपुर स्थित गौरी शंकर बैकुंठनाथ मंदिर में शादी हुई थी.

नौकरी मिलते ही बदल गया व्यवहार?

पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2021 में बिहार पुलिस में नौकरी मिलने के बाद अविनाश का व्यवहार बदलने लगा. शादी के कुछ समय बाद ही उनका बिहार पुलिस की एक महिला सब-इंस्पेक्टर से संबंध बन गया. नीतू का दावा है कि पति ने साफ शब्दों में कहा कि वह अब उस महिला पुलिस अधिकारी से शादी करना चाहते हैं.

महिला के अनुसार, पति ने रिश्ता खत्म करने के एवज में पहले 10 लाख रुपये लेकर तलाक देने का प्रस्ताव रखा. जब उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया तो मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना शुरू कर दी गई.

“बच्चा गिराओ”, नहीं मानी तो हुआ गर्भपात!

नीतू ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में जब वह गर्भवती हुईं तो पति ने उन पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया. लगातार मारपीट, तनाव और प्रताड़ना के कारण उनकी तबीयत बिगड़ती गई और अंततः गर्भपात हो गया. पीड़िता का कहना है कि इस घटना ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी.

“20 लाख लाओ या तलाक दो”

महिला ने आरोप लगाया है कि अब पति और उनके परिवार वालों ने दो ही विकल्प दिए हैं—या तो तलाक दे दो, या फिर दहेज में 20 लाख रुपये लेकर आओ. पीड़िता का कहना है कि महिला दरोगा के साथ कथित संबंध सामने आने के बाद से प्रताड़ना और बढ़ गई.

देवर पर न्यूड फोटो वायरल करने की धमकी का आरोप

मामले में पीड़िता ने अपने देवर विकास रंजन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि देवर ने धमकी दी कि अगर उन्होंने पति को नहीं छोड़ा तो उनकी निजी और आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी. इस धमकी के बाद से पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है.

सुलह के बहाने बुलाया, फिर सरकारी आवास में पिटाई?

सबसे गंभीर आरोप हाल की घटना को लेकर है. नीतू का दावा है कि शनिवार को पति ने विवाद सुलझाने और समझौता करने के बहाने उन्हें पटना बुलाया. आरोप है कि सचिवालय थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में बुलाकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई. किसी तरह वहां से निकलकर उन्होंने अपनी जान बचाई और सीधे थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.

वर्दी के रौब में मामला दबाने की कोशिश?

पीड़िता का आरोप है कि हाल ही में प्रमोट हुए ट्रैफिक सार्जेंट मेजर अपने पुलिस पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. उनका कहना है कि शुरुआत में पुलिस ने आवेदन लेने में भी आनाकानी की, लेकिन लगातार प्रयास के बाद सचिवालय थाने में शिकायत दर्ज की गई. मामले की जांच पटना सचिवालय एसडीपीओ-1 अनु कुमारी के नेतृत्व में की जा रही है. पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और सभी आरोपों की जांच की जा रही है. वहीं, ट्रैफिक सार्जेंट मेजर अविनाश राज रंजन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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