Ashadha Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि के पहले दिन मां काली को क्या चढ़ाएं? जानें खास भोग और महत्व
TV9 Bharatvarsh July 15, 2026 11:43 AM

Gupt Navratri 2026 Day 1: पंचांग के अनुसार, 15 जुलाई 2026 से आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि शुरू हो गई है. यह नौ दिनों का पर्व तंत्र-मंत्र, साधना, मंत्र सिद्धि और देवी उपासना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. जहां चैत्र और शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, वहीं गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है. पहले दिन कई तांत्रिक परंपराओं में मां काली की विशेष पूजा की जाती है. मान्यता है कि सच्चे मन से पूजा और उचित भोग अर्पित करने से देवी की कृपा प्राप्त होती है और साधना सफल होती है.

गुप्त नवरात्रि के पहले दिन मां काली को क्या भोग लगाएं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां काली को गुड़, हलवा, खीर, काले तिल से बने व्यंजन और मौसमी फल अर्पित करना शुभ माना जाता है. कई स्थानों पर नारियल, मिश्री और लाल रंग की मिठाई भी चढ़ाई जाती है.

कैसे करें पहले दिन पूजा?

गुप्त नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान करने के बाद पूजा स्थान को साफ करके मां काली की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. इसके बाद दीपक और धूप जलाएं, लाल या काले पुष्प अर्पित करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग चढ़ाएं. पूजा के दौरान मां काली के मंत्रों या स्तुति का जाप करना शुभ माना जाता है. आखिर में देवी से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें.

गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व

गुप्त नवरात्रि को सामान्य नवरात्रि की तुलना में अधिक गूढ़ और साधना प्रधान माना जाता है. इस दौरान कई साधक दस महाविद्याओं की उपासना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय की गई देवी आराधना से मनोकामनाओं की पूर्ति, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन की बाधाओं से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है.

मां काली की पूजा का महत्व

मां काली को शक्ति, साहस और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली देवी माना जाता है. गुप्त नवरात्रि के पहले दिन उनकी आराधना करने से भय, बाधाएं और नकारात्मकता दूर होने की मान्यता है. साथ ही साधक को आत्मबल, आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति प्राप्त होती है. तंत्र साधना करने वाले साधकों के लिए भी यह दिन विशेष महत्व रखता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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