मौजूदा वित्त वर्ष के करीब 100 दिनों में ही टैक्स कलेक्शन से सरकार के खजाने में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है. सरकारी आंकड़ों को देखें तो इस दौरान नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 16 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली है. खास बात तो ये है कि इस बढ़ोतरी में सबसे ज्यादा योगदान कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन का है. जिसमें 22 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है. जबकि नॉन कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में करीब 12 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सरकार की ओर से किस तरह के आंकड़े देखने को मिले हैं.
सरकार की ओर से टैक्स कलेक्शन के जारी किए आंकड़ेसरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर से 26.97 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. यह पिछले वित्त वर्ष के 23.40 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 15 प्रतिशत अधिक है. डेलॉयट इंडिया में साझेदार रोहिंटन सिधवा के मुताबिक, ये आंकड़े संकेत देते हैं कि पश्चिम एशिया युद्ध या आर्थिक सुस्ती का कॉरपोरेट आय पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है और कंपनियों का मुनाफा मजबूत बना हुआ है. ईवाई इंडिया में कर साझेदार जयेश सांघवी ने कहा कि कॉरपोरेट कर में तेज वृद्धि और अग्रिम कर भुगतान में मजबूती दिखाई दे रही है. इसके साथ व्यक्तिगत आयकर संग्रह में भी मजबूती बनी हुई है, जो अनुपालन में सुधार और अर्थव्यवस्था को औपचारिक रूप देने की प्रवृत्ति को दर्शाती है. प्राइस वाटरहाउस एंड कंपनी में साझेदार हितेश साहनी ने कहा कि मौजूदा रुझान बताते हैं कि इस वर्ष प्रत्यक्ष कर संग्रह मजबूत स्थिति में बना हुआ है.