Kark Sankranti 2026: कर्क संक्रांति आज, जानें सूर्य देव की पूजा का शुभ समय और विधि
TV9 Bharatvarsh July 16, 2026 10:42 AM

Kark Sankranti 2026: सनातन धर्म में सूर्य देव के संक्रांति पर्व का विशेष महत्व है. इस पर्व का संबंध सूर्य देव के राशि परिवर्तन से होता है. जब भी सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. आज सूर्य देव रात को 11 बजकर 45 मिनट पर चंद्रमा की कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. यही संक्रांति का क्षण होगा. ऐसे में आज कर्क संक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है. शास्त्रों में कर्क संक्रांति का महत्व सूर्य देव की अन्य संक्रांतियों से अधिक होता है.

कर्क संक्रांति वो दिन माना जाता है, जब सूर्य उत्तर से दक्षिणी गोलार्ध की ओर झुकते हैं और ‘दक्षिणायन’ शुरू होता है. जिस तरह से सूर्य देव के मकर राशि में ‘उत्तरायण’ की शुरुआत होती है, जिसे देवताओं का दिन कहा जाता है, ठीक उसी तरह से सूर्य देव के कर्क राशि में प्रवेश करने पर ‘दक्षिणायन’ शुरू होता है. इसे देवताओं का रात्रि काल कहा जाता है. कर्क संक्रांति से दिन घटने और रातें बढ़ने लगती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कर्क संक्रांति का शुभ मुहूर्त और सूर्य देव की पूजा का समय. साथ ही जानते हैं सूर्य देव की पूजा की विधि.

कर्क संक्रांति 2026 का पुण्य और महा पुण्य काल
  • द्रिक पंचांग के अनुसार, आज कर्क संक्रांति का पुण्य काल दोपहर 12 बजकर 27 पर प्रारंभ होगा और रात को 07 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. इसकी अवधि 06 घंटे 53 मिनट तक रहेगी.
  • कर्क संक्रांति का महा पुण्य काल शाम को 05 बजकर 03 मिनट से 07 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. कल महा पुण्य काल की अवधि 02 घंटे 18 मिनट तक रहेगी.
कर्क संक्रांति पूजा विधि
  • कर्क संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें.
  • फिर उगते सूर्य को तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, अक्षत और रोली मिलाकर अर्घ्य दें.
  • सूर्य देव के मंत्रों का जाप करें और आदित्य हृदय स्तोत्र या गायत्री मंत्र का पाठ करें.
  • इसके बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, फल या दक्षिणा का दान करें.
  • यदि संभव हो तो इस दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन भी कराएं.
  • धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली कई बाधाएं दूर होती हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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