Health Insurance Premium: अक्सर लोग नया हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते वक्त सिर्फ उसकी प्रीमियम, कवरेज और कैशलेस अस्पतालों की लिस्ट पर ध्यान देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पॉलिसी जारी करने से पहले इंश्योरेंस कंपनी आपकी लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य संबंधी आदतों को भी जांचती है. ऐसे में अगर आप भी धूम्रपान और शराब का सेवन करते हैं, तो यह आपके प्रीमियम से लेकर क्लेम तक पर असर डाल सकता है.
अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो अपनी सभी स्वास्थ्य संबंधी आदतों की सही जानकारी दें. अगर आप गलत या अधूरी जानकारी देते हैं, तो भविष्य में क्लेम सेटलमेंट के दौरान आपकी पॉलिसी अटक सकती है या रिजेक्ट भी हो सकती है. ऐसे में जरूरी है कि पॉलिसी लेते समय अपनी आदतों को छुपाने के बजाय सही जानकारी दें, ताकि आपको किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
स्मोकिंग और शराब का प्रीमियम पर कैसे पड़ता है असर?
अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो इससे आपको दिल की बीमारी, कैंसर, स्ट्रोक और फेफड़ों से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. यही वजह है कि बीमा कंपनियां स्मोकर्स को सामान्य लोगों के मुकाबले में ज्यादा प्रीमियम ले सकती हैं.
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वहीं अगर आप नियमित रूप से ज्यादा मात्रा में शराब पीते हैं और मेडिकल जांच में आपका स्वास्थ्य जोखिम ज्यादा बढ़ जाता है, तो ऐसे में आपका प्रीमियम बढ़ाया जा सकता है. हालांकि, कुछ मामलों में कंपनी आपको मेडिकल टेस्ट कराने की भी सलाह दे सकता है.
क्या क्लेम रिजेक्ट हो जाता है?
अगर आपके मन में भी यह डर है कि स्मोकिंग या शराब पीने की वजह से आपका क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा, तो यह सही नहीं है. आपको परेशानी तब होती है जब आप पॉलिसी खरीदते वक्त अपनी इन आदतों को छुपाया हो. अगर आपने आवेदन के दौरान अपनी आदतों की सही जानकारी दी है और पॉलिसी की सभी शर्तों का पालन किया है, तो आपको क्लेम सेटलमेंट में किसी तरह की दिक्कत नहीं होती है.
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