पेट्रोल-डीजल कारों के मुकाबले क्यों महंगा है इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इंश्योरेंस? पॉलिसी लेते समय रहें सावधान
शैलजा पांडे July 16, 2026 08:42 PM
Electric Vehicle Insurance: अब लोग पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों के अलावा इलेक्ट्रिक गाड़ियों की भी खूब खरीदारी कर रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह पेट्रोल-डीजल के दाम और कम रनिंग कॉस्ट है. हालांकि, इलेक्ट्रिक कार खरीदने के बाद उसका इंश्योरेंस लेते समय केवल कम प्रीमियम देखना क्या सही है? इसका जवाब है नहीं, सिर्फ कम प्रीमियम देखना सही नहीं है. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि EV का इंश्योरेंस सामान्य कारों के मुकाबले महंगा क्यों होता है, आखिर इसके पीछे कारण क्या है.
EV का इंश्योरेंस लेना जरूरी है या नहीं?
अगर आप नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो पहले ही जान लें, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना अनिवार्य है. लेकिन आप गाड़ी के लिए बेहतर सुरक्षा चाहते हैं तो उसके लिए कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेना ज्यादा अच्छा रहेगा.
इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इंश्योरेंस सामान्य गाड़ियों से महंगा होने के कई सारे कारण हैं जैसे...
इलेक्ट्रिक कारों में जो हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स, बैटरी और अन्य पार्ट्स इस्तेमाल होते हैं, वह महंगे होते हैं.
मान लीजिए किसी दुर्घटना में गाड़ी के इन पार्ट्स को नुकसान होता है तो उनको ठीक करने या फिर रिप्लेस करने में खर्च ज्यादा आएगा.
साथ ही अभी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सर्विस के लिए कई सारे सर्विस सेंटर उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण मरम्मत का खर्च सामान्य गाड़ियों से ज्यादा हो सकता है.
यही वजह है कि इंश्योरेंस कंपनियां इन सभी बातों का ध्यान रखती हैं.
पॉलिसी लेते समय रखें कुछ जरूरी बातों का ध्यान
इंश्योरेंस खरीदते समय सिर्फ सस्ता सा विकल्प न देखें. ऐसे में अगर सभी जरूरी चीजें आपकी पॉलिसी में कवर ही नहीं होती है तो आपको अपनी जेब से पैसे देने पड़ सकते हैं. इसलिए बेहतर यही है कि आप इंश्योरेंस लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखें जैसे...
आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी में बैटरी प्रोटेक्शन कवर हो ये जरूर चेक करें.
इलेक्ट्रिक कारों में उसकी बैटरी सबसे महंगी होती है, इसलिए ये कवर लेना जरूरी है.
साथ ही रोडसाइट असिस्टेंस की सुविधा हो ये देखें.
इसके अलावा जीरो डेप्रिसिएशन कवर शामिल है या नहीं, इसे भी चेक करें.
इलेक्ट्रिक कारों के कई पार्ट्स भी बहुत महंगे आते हैं तो इसका कवरेज भी जरूर देखें.
बिना जांच और बिना पढ़ें पॉलिसी न खरीदे.
उसकी सभी शर्तें और एक्सक्लूजन ध्यान से पढ़ें.
एक ही कंपनी की पॉलिसी को न देखें, बल्कि अलग-अलग कंपनियों के प्लान की तुलना करें.
इसके बाद ही अपनी जरूरत के हिसाब से सही कवरेज वाली पॉलिसी चुनें.