Interrupted Urination: पेशाब का रुक-रुककर आना एक ऐसी समस्या है, जिसे कई लोग सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि, अगर यह परेशानी बार-बार होने लगे या इसके साथ दर्द, जलन या पेशाब करने में जोर लगाना पड़े तो यह शरीर में किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है. यह समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों में हो सकती है. इसकी वजह इंफेक्शन से लेकर मूत्राशय या प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि रुक-रुककर पेशाब आने के पीछे कौन से कारण हो सकते हैं और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
अगर पेशाब के दौरान बार बार रुकावट महसूस हो, मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने का एहसास हो या पेशाब करने में काफी समय लगे, तो यह सामान्य स्थिति नहीं मानी जाती. अगर यह परेशानी लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) होने पर पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना और रुक-रुककर पेशाब आने जैसी दिक्कत हो सकती है. संक्रमण बढ़ने पर बुखार, पेट के निचले हिस्से में दर्द और बदबूदार पेशाब जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं.
बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ सकता है. इससे मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ता है और पेशाब की धार कमजोर हो सकती है या रुक-रुककर पेशाब आने की समस्या हो सकती है. ऐसे मामलों में समय पर जांच जरूरी होती है
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किडनी या मूत्राशय की पथरी मूत्र के प्रवाह में रुकावट पैदा कर सकती है. वहीं, डायबिटीज, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी कुछ बीमारियां या नसों को प्रभावित करने वाली स्थितियां भी पेशाब करने की प्रक्रिया पर असर डाल सकती हैं.
अगर पेशाब में खून दिखाई दे, तेज दर्द हो, बुखार आए, बिल्कुल पेशाब न हो पाए या यह समस्या लगातार बनी रहे तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. समय पर जांच और सही इलाज से कई गंभीर समस्याओं का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है.
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