कांवड़ यात्रा पर बड़ा फैसला… दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे कांवड़िए, जानें प्रशासन का नया प्लान
TV9 Bharatvarsh July 18, 2026 01:43 PM

Delhi-Dehradun Expressway: इस साल होने वाली देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर उत्तराखंड प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, वैज्ञानिक भीड़ प्रबंधन और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए देहरादून में एक उच्च स्तरीय अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को इस प्रतिबंध का समय रहते प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं.

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी शामिल हुए. इनके अलावा आईटीबीपी (ITBP), एसएसबी (SSB), सीआरपीएफ (CRPF), आरपीएफ (RPF) और एनडीआरएफ (NDRF) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया.

सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी निगरानी के लिए पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त चेकपोस्ट और बैरियर स्थापित किए जाएंगे. सभी राज्यों के बीच रियल टाइम समन्वय और त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए एक आधुनिक सर्विलांस नेटवर्क काम करेगा.

सोशल मीडिया पर नजर और अफवाहों का तत्काल खंडन

डिजिटल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए साइबर सेल को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं. मुख्य सचिव ने सभी राज्यों के सोशल मीडिया सेल और साइबर इकाइयों को आपस में प्रभावी तालमेल बिठाने को कहा है. इंटरनेट और सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जा सके और शांति व्यवस्था बनी रहे. बैठक में भारतीय रेलवे के अधिकारियों को भी कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष ट्रेनें चलाने और स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं.

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पंचक और डाक कांवड़ का चरण रहेगा सबसे चुनौतीपूर्ण

भीड़ के दबाव को समझने के लिए प्रशासन ने तारीखों के हिसाब से खाका तैयार किया है. हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बैठक में बताया कि 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक रहेगा. इसके समाप्त होते ही 5 अगस्त से कांवड़ियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने लगेगी.

जिलाधिकारी के अनुसार, 8 अगस्त से शुरू होने वाला डाक कांवड़ का चरण इस पूरे मेले का सबसे अधिक भीड़भाड़ वाला और चुनौतीपूर्ण दौर होगा. इसके लिए कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल और संचार व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है. बैठक में डीजीपी दीपम सेठ, डीजीपी (इंटेलिजेंस) अभिनव कुमार और गृह सचिव शैलेश बगौली भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे.

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