बार्सिलोना के अध्यक्ष जोआन लापोर्टा का मानना है कि अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाला फीफा विश्व कप फाइनल एक बार फिर यह साबित करेगा कि ‘ला मासिया’ का विश्व फुटबॉल पर कितना गहरा प्रभाव है। इस मुकाबले में लियोनेल मेस्सी अर्जेंटीना की अगुवाई करेंगे, जबकि स्पेन की टीम में बार्सिलोना के कई खिलाड़ी शामिल होंगे।
लापोर्टा वर्तमान में न्यूयॉर्क में हैं, जहां रविवार को न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी स्टेडियम में फाइनल खेला जाएगा। इस मैच में वर्तमान और पूर्व दोनों बार्सिलोना खिलाड़ी दोनों टीमों की ओर से मैदान पर उतरेंगे। स्पेन की टीम में आठ बार्सिलोना खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि अर्जेंटीना की कप्तानी मेस्सी करेंगे।
बार्सिलोना के अध्यक्ष ने कहा कि क्लब की अकादमी एक बार फिर फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर ध्यान का केंद्र बनेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विश्व कप फाइनल में इतने सारे ‘ला मासिया’ स्नातकों को देखना क्लब की युवा प्रणाली की सफलता को दर्शाता है, चाहे ट्रॉफी कोई भी टीम जीत ले।
लापोर्टा ने फाइनल में मेस्सी और लामिन यामाल को एक-दूसरे के खिलाफ देखने के महत्व पर भी बात की। उन्होंने जहां मेस्सी के वर्षों से बार्सिलोना में दिए योगदान की सराहना की, वहीं यामाल को क्लब का भविष्य बताया।
लापोर्टा ने आरएसी1 से कहा, “मेस्सी भी फाइनल में पहुंच गए हैं और मैं बेहद खुश हूं। वह ‘ला मासिया’ के लिए गर्व का स्रोत हैं। मेस्सी अतीत और वर्तमान दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि लामिन (यामाल) वर्तमान और भविष्य हैं। हमें गर्व है कि हमारे पास असली बार्सा शैली का खेल है।”
उन्होंने आगे कहा, “अध्यक्ष के रूप में मुझे गर्व है कि हमने इन दोनों खिलाड़ियों को अपने घर में विकसित किया है, और अगर हम जोआन गार्सिया, एरिक गार्सिया, [पाउ] कुबार्सी, जो शानदार विश्व कप खेल रहे हैं, [दानी] ओल्मो, गावी, पेड्री, फेरान [टोरेस] को भी जोड़ें... तो यह वास्तव में अद्भुत है।”
बार्सिलोना का प्रभाव फाइनल में स्पष्ट रूप से नजर आएगा, क्योंकि अकादमी के स्नातक और पहली टीम के खिलाड़ी दोनों टीमों में मौजूद रहेंगे।
अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाला यह खिताबी मुकाबला न केवल अगले विश्व चैंपियन का फैसला करेगा, बल्कि यह ‘ला मासिया’ से निकले खिलाड़ियों — मेस्सी से लेकर यामाल और स्पेन के बार्सिलोना प्रतिनिधियों तक — को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी छाप छोड़ने का एक और बड़ा मौका भी देगा।