अर्जेंटीना ने गुरुवार को अटलांटा स्टेडियम में खेले गए नाटकीय सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर 2026 FIFA विश्व कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। एन्ज़ो फर्नांडीज़ के देर से किए गए बराबरी के गोल और लॉतारो मार्तीनेज़ के स्टॉपेज टाइम में दागे विजयी गोल ने एंथनी गॉर्डन के उस गोल को बेकार कर दिया, जिसने 60वें मिनट के तुरंत बाद इंग्लैंड को बढ़त दिलाई थी।
सेट पीस से परिभाषित गोलरहित पहला हाफ
रेफरी इस्माइल एलफाथ की निगरानी में पहला हाफ बिना किसी गोल के, लेकिन कई बार खेल रोके जाने के साथ समाप्त हुआ। शुरुआती 45 मिनटों में दोनों टीमें एक-दूसरे पर फ्री किक लेती रहीं। अर्जेंटीना के जूलियानो सिमेओने और एन्ज़ो फर्नांडीज़ ने कई बार फाउल दिए। इंग्लैंड के इलियट एंडर्सन शुरुआती दौर में सबसे सक्रिय खिलाड़ियों में से एक रहे — उन्होंने तीन फ्री किक हासिल कीं और 37वें मिनट में फाउल के लिए येलो कार्ड भी देखा।
पहले हाफ का सबसे स्पष्ट मौका 33वें मिनट में इंग्लैंड के पास आया, जब जॉन स्टोन्स ने छह-यार्ड बॉक्स की दाईं ओर से की गई एक सेट-पीस डिलीवरी पर हेडर लगाया, लेकिन गेंद लक्ष्य से बाहर चली गई। अर्जेंटीना ने तुरंत जवाब दिया और 38वें मिनट में एन्ज़ो फर्नांडीज़ ने बॉक्स के बाहर से दाएं पैर से शॉट लगाया, जो थोड़ा ऊपर से निकल गया। कुछ ही देर बाद, लियोनेल मेसी का बॉक्स के बाहर से बाएं पैर से लगाया शॉट रोक लिया गया; इस मौके में लेआंद्रो पारेदेस सहायक रहे। अर्जेंटीना के लिसांद्रो मार्तीनेज़ को 42वें मिनट में बुरे फाउल के लिए येलो कार्ड मिला और तीन मिनट के अतिरिक्त समय के बाद पहला हाफ बिना गोल के समाप्त हुआ।
गॉर्डन ने तोड़ा गतिरोध
दूसरे हाफ की शुरुआत में ही अर्जेंटीना ने दबाव बनाया। 47वें मिनट में जूलियान अल्वारेज़ ने, मेसी की सहायता से, जॉर्डन पिकफोर्ड को निचले दाएं कोने में बचाव करने पर मजबूर किया और उसके बाद कोण से लगाया एक और शॉट बस बाहर चला गया। इंग्लैंड ने दबाव झेला और 55वें मिनट में पलटवार किया: एंथनी गॉर्डन ने बेहद करीब से दाएं पैर से शॉट मारकर गोल दागा और इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।
अर्जेंटीना दबाव बनाता रहा। 69वें मिनट में निको गोन्ज़ालेज़ — जो 64वें मिनट में लेआंद्रो पारेदेस की जगह उतरे थे — ने मेसी की क्रॉस पर हेडर लगाया, लेकिन पिकफोर्ड ने गोल के बीच में बचाव कर लिया। फिर 76वें मिनट में अलेक्सिस मैक अलिस्टर ने बॉक्स के बीच से हेडर से बाएं पोस्ट को छुआ; इस मौके में रोड्रिगो डी पॉल ने क्रॉस दी थी। इंग्लैंड ने कई बदलाव किए और 81वें मिनट में रीस जेम्स के चोटिल होने के बाद खेल कुछ देर के लिए रुका; उनकी जगह डैन बर्न को मैदान पर उतारा गया। मैच के अंतिम चरण में जॉन स्टोन्स भी चोटिल होकर गिरे।
अर्जेंटीना की देर से वापसी
इंग्लैंड अतिरिक्त समय में भी अपनी बढ़त बनाए हुए था कि 85वें मिनट में अर्जेंटीना ने बराबरी कर ली। एन्ज़ो फर्नांडीज़ ने बॉक्स के बाहर से दाएं पैर से शॉट मारकर गेंद को नीचे बाएं कोने में पहुंचाया — कॉर्नर के बाद लियोनेल मेसी ने सहायता की। अटलांटा स्टेडियम का माहौल अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अर्जेंटीना ने पलटा पूरा कर दिया: 90+2वें मिनट में लॉतारो मार्तीनेज़ — जो बतौर स्थानापन्न मैदान पर थे — ने बेहद करीब से हेडर मारकर स्कोर 2-1 कर दिया। इसके बाद के नौ मिनट के अतिरिक्त समय में इंग्लैंड जवाब देने में नाकाम रहा और मैच अर्जेंटीना की जीत के साथ समाप्त हुआ।
इस मैच में अर्जेंटीना के तीन खिलाड़ियों — लिसांद्रो मार्तीनेज़, क्रिस्तियान रोमेरो और रोड्रिगो डी पॉल — को येलो कार्ड मिले, जबकि इंग्लैंड की ओर से केवल एंडर्सन को येलो कार्ड दिखाया गया। इस नतीजे के साथ अर्जेंटीना विश्व कप के फाइनल में पहुंच गया और इंग्लैंड का सफर सेमीफाइनल में ही समाप्त हो गया।





