मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता पर महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक
newzfatafat July 19, 2026 03:42 PM

जगदीशपुर: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में यह विशेष कैबिनेट बैठक ऐतिहासिक स्थल जगदीशपुर में हो रही है। इस बैठक में यूसीसी के मसौदे को मंजूरी मिलने की संभावना है। यदि कैबिनेट इस प्रस्ताव को स्वीकृति देती है, तो राज्य सरकार इसे 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक के रूप में पेश कर सकती है।


बैठक का महत्व

यह विशेष बैठक राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले भी समान नागरिक संहिता लागू करने की अपनी इच्छा व्यक्त की है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनों की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। हालांकि, अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी और विधानसभा में विधेयक पारित होने की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।


मुख्यमंत्री का बयान

हाल ही में इंदौर में एक कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यूसीसी के प्रति अपनी सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार एक देश एक कानून के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने सामाजिक समानता और कानूनों की एकरूपता पर जोर देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी नागरिकों के लिए समान नियम और अधिकार होने चाहिए। उनका उद्देश्य समाज में समानता और समरसता को बढ़ावा देना है, न कि किसी वर्ग के साथ भेदभाव करना।


यूसीसी का उद्देश्य

समान नागरिक संहिता का विषय लंबे समय से राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र रहा है। यूसीसी का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक मामलों से जुड़े विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। इसके समर्थकों का मानना है कि इससे समानता और न्याय को बढ़ावा मिलेगा, जबकि कुछ विरोधी समूहों का कहना है कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं पर प्रभाव पड़ सकता है।


यदि मध्य प्रदेश सरकार यूसीसी का विधेयक विधानसभा में पेश करती है, तो इस पर सदन में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। इसके बाद विधेयक के पारित होने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। राजनीतिक दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की नजर भी इस घटनाक्रम पर बनी हुई है।


आज की कैबिनेट बैठक के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यूसीसी के मसौदे को औपचारिक मंजूरी मिलती है या नहीं। वर्तमान में, सरकार ने बैठक के एजेंडे में इस विषय को प्रमुखता दी है और पूरे प्रदेश की नजर इस फैसले पर टिकी हुई है।


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