सरकार का बड़ा तोहफा: 1.20 करोड़ लोगों की जिंदगी बदल देगा 8वां वेतन आयोग
UPUKLive Hindi July 19, 2026 03:42 PM

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में गठित 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने अपनी प्रक्रिया तेज कर दी है। देश भर के अलग-अलग हिस्सों में आयोग की टीमें लगातार कर्मचारियों और पेंशनर्स संगठनों से बातचीत कर रही हैं, ताकि उनकी समस्याओं और मांगों को बेहतर तरीके से समझा जा सके। यह कवायद आने वाले समय में सैलरी स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदलने वाली है।

फिटमेंट फैक्टर में होगा बड़ा बदलाव?

इस समय सबसे ज्यादा चर्चा ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) को लेकर है। कर्मचारी संगठनों (Staff Side) ने सरकार के सामने 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। अगर सरकार इस मांग पर अपनी सहमति की मुहर लगा देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों के बेसिक पे में जबरदस्त उछाल आएगा। जानकारों का कहना है कि अगर यह फार्मूला लागू होता है, तो मौजूदा 18,000 रुपये का न्यूनतम बेसिक पे बढ़कर सीधे 68,940 रुपये तक पहुंच सकता है। यानी सीधे तौर पर सैलरी में 283 फीसदी तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी आयोग या सरकार की तरफ से इन आंकड़ों पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है।

1.20 करोड़ लोगों पर पड़ेगा सीधा असर

8वें वेतन आयोग का फैसला करोड़ों परिवारों की आर्थिक स्थिति तय करेगा। इसका सीधा असर देश के 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और 70 लाख से अधिक पेंशनर्स पर पड़ने वाला है। कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर काफी मुखर हैं। न्यूनतम बेसिक पे को 69,000 रुपये करने के अलावा, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बढ़ोतरी की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है।

क्या है फिटमेंट फैक्टर का गणित?

आसान भाषा में समझें तो फिटमेंट फैक्टर वह फॉर्मूला है, जिसके जरिए सैलरी में बढ़ोतरी तय होती है। 7वें वेतन आयोग के दौरान यह फैक्टर 2.57 था, जिसके चलते न्यूनतम बेसिक पे 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी। अब यदि 3.83 का फैक्टर लागू होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में गुणात्मक रूप से भारी इजाफा देखने को मिलेगा।

कब तक आएगी रिपोर्ट?

आयोग की टीम दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लखनऊ जैसे शहरों में लगातार मीटिंग कर रही है। नवंबर 2025 में गठित इस आयोग के पास अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के लिए 18 महीने का समय है। इस अवधि के दौरान आयोग की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार तय करेगी कि कर्मचारियों की नई सैलरी और पेंशन की दरें क्या होंगी। फिलहाल, देशभर के सरकारी कर्मचारियों की निगाहें इसी रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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