CM योगी से मिले मोहसिन रजा, UP में वक्फ संपत्तियों की SIT जांच की मांग
TV9 Bharatvarsh July 20, 2026 11:43 AM

पूर्व मंत्री मोहसिन रजा ने रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने वक्फ बोर्डों में घोटाले की जनपदवार एसआईटी जांच और विशेष ऑडिट की मांग की. सीएम के साथ बैठक के दौरान मोहसिन रजा ने बताया कि वर्तमान में केवल एक लाख 27 हजार रजिस्टर्ड वक्फ रह गए हैं, जबकि पहले यह संख्या 2 लाख से ज्यादा थी. उन्होंने कहा कि सपा, बसपा, कांग्रेस शासनकाल में वक्फ बोर्ड का ठीक से ऑडिट नहीं कराया गया. जिसकी वजह से लाखों संपत्तियों का लेखा-जोखा अस्पष्ट रह गया.

मोहसिन रजा ने ’70 हजार से ज्यादा वक्फ संपत्तियां रिकॉर्ड से गायब’ होने का दावा किया. उन्होंने सीएम योगी से शिया और सुन्नी दोनों वक्फ बोर्डों की जांच कराने की मांग की.

वक्फ बोर्डों की जांच कराने की मांग

पूर्व मंत्री ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता, उनकी सुरक्षा और सही उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरुरी है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि वक्फ संपत्तियों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए निष्पक्ष जांच कराई जाए.

इन प्रमुख बिंदुओं पर हुई चर्चा
  • वक्फ घोटाले की जनपदवार SIT जांच और विशेष ऑडिट
  • 70 हजार से अधिक वक्फ संपत्तियां रिकॉर्ड से गायब होने का दावा
  • शिया और सुन्नी दोनों वक्फ बोर्डों की जांच
  • हर जिले में भौतिक सत्यापन और विशेष ऑडिट
  • अवैध कब्जों, फर्जी नामांतरण और अवैध लीज की जांच
  • दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और संपत्तियों की वसूली
  • वक्फ बाय यूजर से जुड़े विवादों का निस्तारण
  • वक्फ संपत्तियों को कब्जामुक्त कर जरूरतमंदों के हित में उपयोग की मांग
  • प्रदेश स्तर पर निगरानी समितियां बनाकर अभियान चलाने का सुझाव
वक्फ संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें

मोहसिन रजा ने कहा कि लखनऊ, गाजियाबाद, सहारनपुर, कानपुर, मेरठ, आगरा, प्रयागराज, अयोध्या, बरेली, नोएडा, अमरोहा, बिजनौर, अलीगढ़, वाराणसी, आजमगढ़ समेत अनेक जिलों में अवैध कब्जे और वक्फ संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें मिली हैं. उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों का मूल लक्ष्य प्रभावित हुआ है और जरूरतमंदों तक लाभ नहीं पहुंच पा रहा है.

उन्होंने सीएम योगी से अपील की कि आपकी भ्रष्टाचार-विरोधी और जीरो-टॉलरेंस नीति के लिहाज से इस मामले में उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और शीघ्र कार्रवाई की जाए. उन्होंने जिक्र किया कि विषय की संवेदनशीलता और जनहित को देखते हुए तत्काल SIT जांच और विशेष ऑडिट शुरू कराकर जनहित में निर्णय लिया जाए.

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