
jaipur, 20 जुलाई . Rajasthan के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की है कि राज्य में नए निजी स्कूलों को मान्यता देने के लिए 31 जुलाई से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे. मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और सरल बनाया जाएगा तथा हर स्तर पर तय समयसीमा का सख्ती से पालन किया जाएगा.
Monday को शिक्षा संकुल में निजी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया और लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को Government के सभी नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मान्यता प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए दिलावर ने निर्देश दिया कि प्रथम स्तर की निरीक्षण समिति सात दिनों के भीतर निरीक्षण पूरा कर अपनी रिपोर्ट जमा करे.
इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) रिपोर्ट की जांच कर 15 दिनों के भीतर आगे भेजेंगे, जिसके बाद शिक्षा निदेशक मान्यता देने पर अंतिम निर्णय लेंगे.
उन्होंने कहा कि निरीक्षण पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाएं और समिति के गठन से लेकर रिपोर्ट जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी हो. अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. निरीक्षण के दौरान पाई गई हर कमी को स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए और आवेदन केवल निर्धारित प्रारूप में ही स्वीकार किए जाएं.
शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा Government की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. इसके लिए मान्यता प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन कर सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाएगा, साथ ही नियमों को सरल बनाया जाएगा.
निरीक्षण टीमों को छात्रों के बैठने की व्यवस्था, स्कूल भवन और कक्षाओं, प्रार्थना स्थल, परिसर में आने-जाने की सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं.
दिलावर ने स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि छात्रों को स्कूल परिसर के बाहर नहीं, बल्कि सुरक्षित रूप से स्कूल के अंदर छोड़ा जाए.
उन्होंने दोहराया कि निजी स्कूलों को सभी निर्धारित नियमों और मानकों का पूरी तरह पालन करना होगा. नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है.
मंत्री ने अधिकारियों को डमी छात्रों का नामांकन करने वाले स्कूलों, स्कूल समय में छात्रों को कोचिंग भेजने वाले संस्थानों, बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों और शिक्षा संबंधी अनिवार्य नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए.
दिलावर ने यह भी कहा कि फीस बकाया होने के कारण छात्रों के ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) या अन्य जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज नहीं रोके जाने चाहिए. ऐसे मामलों में छात्रों या अभिभावकों को परेशान करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
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एएमटी/एबीएम