भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है. पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच लोग अब इलेक्ट्रिक कार और स्कूटर की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. हालांकि, EV खरीदने वाले कई लोगों के मन में बैटरी को लेकर सवाल रहते हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या चार्जिंग के दौरान बैटरी पैक खराब हो सकता है, ऐसा क्यों होता है और अगर बैटरी में खराबी आ जाए तो उसे ठीक कराने में कितना खर्च आता है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, EV बैटरी खराब होने की सबसे बड़ी वजह गलत तरीके से चार्जिंग करना हो सकती है. अगर गाड़ी को बार-बार फास्ट चार्जर से चार्ज किया जाए, लंबे समय तक 100 फीसदी चार्ज पर रखा जाए या पूरी तरह 0 प्रतिशत तक डिस्चार्ज होने दिया जाए तो बैटरी पर ज्यादा दबाव पड़ता है. इसके अलावा ज्यादा गर्मी में लगातार चार्जिंग करने से भी बैटरी कैपेसिटी -धीरे कम हो सकती है.
चार्जिंग के दौरान इस्तेमाल होने वाला चार्जर भी बेहद जरूरी होता है. अगर किसी खराब क्वालिटी वाले लोकल या कंपनी की ओर से मंजूर न किए गए चार्जर का इस्तेमाल किया जाए तो बैटरी और उसके मैनेजमेंट सिस्टम पर असर पड़ सकता है. चार्जिंग के समय वोल्टेज में उतार-चढ़ाव या बिजली की तकनीकी समस्या भी बैटरी को नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए हमेशा कंपनी की ओर से सुझाए गए चार्जर और सेफ चार्जिंग पॉइंट का ही इस्तेमाल करना चाहिए.
बैटरी की सेहत पर मौसम का भी बड़ा असर पड़ता है. बहुत ज्यादा गर्म वातावरण में लगातार चार्जिंग करने से बैटरी का तापमान बढ़ सकता है, जबकि ज्यादा ठंड में चार्जिंग करने से भी उसकी कैपेसिटी प्रभावित हो सकती है. इसी कारण कार निर्माता बैटरी को सेफ रखने के लिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग करते हैं, जो तापमान और चार्जिंग प्रक्रिया को कंट्रोल करते हैं.
अगर बैटरी पैक में किसी तरह की खराबी आ जाती है, तो उसकी मरम्मत का खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि समस्या कितनी बड़ी है. कई मामलों में केवल कुछ सेल बदलने से काम चल जाता है, जिससे खर्च कम आता है. लेकिन अगर पूरा बैटरी पैक बदलना पड़े, तो इसकी लागत काफी ज्यादा हो सकती है.
बैटरी को लंबे समय तक अच्छी हालत में रखने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखना चाहिए. जैसे, हमेशा सही चार्जर का यूज करें, जरूरत न होने पर बार-बार फास्ट चार्जिंग से बचें, गाड़ी को लंबे समय तक पूरी तरह चार्ज या पूरी तरह डिस्चार्ज अवस्था में न छोड़ें और अगर संभव हो तो छायादार या ठंडी जगह पर चार्ज करें. समय-समय पर सर्विस सेंटर से गाड़ी की जांच कराना भी फायदेमंद रहता है.
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