आरबीआई ने विदेशी निवेश नियमों का नया मसौदा जारी, 31 अगस्त तक मांगे सुझाव
Tarunmitra July 22, 2026 01:42 AM

नई दिल्ली/मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने मंगलवार को विदेशी निवेश सरल बनाने और भारतीय कंपनियों की विदेशी लिस्टिंग से जुड़े नियमों का मसौदा जारी किया है।

वर्तमान में लागू 2019 के नियमों की जगह लेने वाले इस मसौदे का उद्देश्य 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देना है। आरबीआई ने इस पर 31, अगस्त तक सार्वजनिक टिप्पणियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं।

आरबीआई ने जारी मसौदे में विदेशी निवेश से जुड़े सरल और भविष्य के हिसाब से तैयार नियमों का प्रस्ताव रखा है। इसमें भारतीय कंपनियों की विदेशी सूचीबद्धता से जुड़े नियम भी शामिल हैं।

रिजर्व बैंक ने 31 अगस्त, 2026 तक मसौदे पर सुझाव मांगे हैं। केंद्रीय बैंक ने कहा कि नियमों को व्यापक परामर्श के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।

रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने समिति की सिफारिशों के आधार पर और केंद्र सरकार तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करके तर्कसंगत नियमों का मसौदा तैयार किया है। आरबीआई ने बताया कि प्रस्तावित मसौदा नियम की मुख्य विशेषता आसान और सिद्धांतों पर आधारित रूपरेखा है।

केंद्रीय बैंक ने बताया कि इसका मकसद प्रावधानों को तर्कसंगत बनाना, परिभाषाओं में एकरूपता लाना और स्पष्टता बढ़ाने तथा नियामकीय जटिलता को कम करने के लिए एक आसान नियामकीय रूपरेखा तैयार करना है। भारत में विदेशी निवेश अभी विदेशी मुद्रा विनिमय प्रबंधन (गैर-ऋण उत्पाद) नियम, 2019 के तहत संचालित होता है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में नियमों की व्यापक समीक्षा की घोषणा की थी।

उसके बाद विदेशी मुद्रा विनिमय प्रबंधन (गैर-ऋण उत्पाद) नियमों में बदलाव का प्रस्ताव किया गया है। केंद्र सरकार ने घोषणा के बाद मौजूदा नियामकीय रूपरेखा की व्यापक समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया था।

 

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