कांग्रेस-सपा में तल्खी! लोकसभा में दिखा अखिलेश का गुस्सा, बोले- समझौता कर लिया क्या
TV9 Bharatvarsh July 22, 2026 05:43 PM

दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज पर विपक्ष आक्रामक रुख अपनाया हुआ है. मंगलवार को पीएम आवास के बाहर धरना देने के बाद वे बुधवार को संसद में काले कपड़े पहनकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इस बीच, सपा प्रमुख अखिलेश यादव संसद में बोलने का मौका नहीं मिलने पर भड़क गए. उन्होंने सदन की कार्यवाही के दौरान आसन को संबोधित करते हुए कहा कि हमें बोलने क्यों नहीं दिया जा रहा है. बीजेपी को मौका मिला, कांग्रेस को मिला. क्या समझौता हो गया है.

अखिलेश का पूरा बयान…

अखिलेश ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा कांग्रेस, सपा का नहीं है. युवाओं और छात्रों का है. अखिलेश ने स्पीकर को संबोधित करते हुए कहा कि आपने बीजेपी को बोलवा दिया, कांग्रेस को बोलवा दिया. समझौता कर लिया आपने क्या. आपने हमें क्यों नहीं बोलने दिया. ये ठीक नहीं है. छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो वे सड़कों पर आएंगे. छात्रों का हाथ तोड़ा गया. क्या आप बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे. हम लोग मजबूरी में पीएम आवास पर गए. अगर आप हमारी बात सुन लेते तो हम नहीं जाते.

क्या हुआ था?

आज दोपहर बारह बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तब हंगामा हो रहा था. अखिलेश यादव समेत सपा के सांसद भी अपनी आवाज़ उठा रहे थे और अपनी बात रखना चाहते थे. अखिलेश यादव अपनी बात कहना चाह रहे थे लेकिन स्पीकर ने कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल को बोलने के लिए कहा.

उनके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू बोलने लगे. इस पर अखिलेश यादव हेडफ़ोन उतार कर नाराज होकर अपने सांसदो के साथ वापस जाने के लिए मुड़ने लगे. यह देखकर स्पीकर ने टोका और कहा कि अखिलेश जी आपने भी बोलने के लिए कहा था. आप भी बोलिए. इस पर अखिलेश यादव ने तंज करते हुए कहा कि क्या बोलें. आपने दोनों (सरकार और कांग्रेस की) को बोलने का मौका दिया. क्या समझौता हो गया है?

सूत्रों के अनुसार सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी वेणुगोपाल और अखिलेश यादव के बीच बातचीत होती रही. वेणुगोपाल ने अखिलेश से पूछा कि इस्तीफ़े की मांग पर जोर क्यों नहीं दिया? उन्होंने आगे कहा कि यह तो छात्रों की मांग है जो हम यहां उठा रहे हैं.

अखिलेश ने यह भी शिकायत की कि कांग्रेस के शीर्ष नेता अन्य विपक्षी दलों को बिना बताए और बिना उन्हें भरोसे में लिए कल पीएम आवास के बाहर धरने पर क्यों चले गए? जबकि पीएम आवास के बाहर भीड़ लेकर वही पहुंचे थे. समाजवादी पार्टी लगातार जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रोटेस्ट को समर्थन दे रही है, जबकि कांग्रेस ने जंतर मंतर से दूरी हना रखी है.

सरकार चर्चा के लिए तैयार

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है. हम पहले दिन से कह रहे हैं. चर्चा कब और कितनी देर होनी है, किस नियम से होना है. विपक्ष से डिस्कस करके चर्चा की जाए.

कार्यवाही को करनी पड़ी स्थगित

लोकसभा की कार्यवाही सुबह स्थगित होने के बाद दोबारा 12 बजे शुरू हुई तो अध्यक्ष ओम बिरला ने सरकार की ओर से वक्तव्य देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का नाम पुकारा. इसी बीच कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और इस मुद्दे पर विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग भी की.

उन्होंने कहा कि सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ जिस तरह सरकार की ओर से बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई, उससे पूरा देश दुखी है. उन्होंने कहा, हमारी मांग बहुत स्पष्ट है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. अगर आप स्वीकार करते हैं तो हमारे कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराएं.

रिजिजू ने कहा, सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है. हमने पहले दिन से यह बात कही है. लेकिन चर्चा नियम के तहत होती है. चर्चा कब होनी है, कितनी लंबी होनी है और किस नियम के तहत होनी है, इसका निर्णय अध्यक्ष (बिरला) सभी दलों के नेताओं से बात कर लेंगे.

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि सभी के मत आ गए हैं और दोनों पक्ष चर्चा चाहते हैं. उन्होंने कहा, सरकार ने खुले मन से कहा है कि वह चर्चा के लिए तैयार है. इस बीच विपक्षी सदस्यों का शोर-शराबा जारी रहा और अध्यक्ष ने बैठक अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी.

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