जम्मू-कश्मीर: अनंतनाग में आतंकी हमला, एक कॉन्सटेबल शहीद; सर्च ऑपरेशन जारी
TV9 Bharatvarsh July 22, 2026 05:43 PM

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां लाल चौक के पास हुए आतंकी हमले में एक कॉन्सटेबल की मौत हो गई. हमलावर आतंकी मौके से फरार हो गया. आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है.

PCR अनंतनाग से मिली जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 12:35 बजे, कुछ अज्ञात आतंकवादियों ने अनंतनाग पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले लाल चौक के कोतवाल गली इलाके में पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी.

इस घटना में IR की तीसरी बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है. हमलावरों का पता लगाने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है.

TRF ने ली अनंतनाग आतंकी हमले की जिम्मेदारी

अधिकारियों ने बताया कि हवलदार आशिक हुसैन अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे. लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन, ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली है. टीआरएफ का गठन अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद- 370 हटाए जाने के बाद हुआ था. TRF को लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा या प्रॉक्सी संगठन माना जाता है.

अनंतनाग का लाल चौकाभीड़ भाड़ वाला इलाका

बता दें कि लाल चौका का इलाका अनंतनाग का सबसे भीड़ भाड़ वाला इलाका. आम दिनों में भी खरीदारों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ रहती है. श्रीनगर के लाल चौक की तरह अनंतनाग का यह चौक भी राजनीतिक बैठकों और रैलियों का गवाह रहा है.

इससे पहले राजौरी में आतंकियों ने की थी घुसपैठ

इससे कुछ दिन पहले राजौरी में एलओसी के पास तारकुंडी फॉरवर्ड इलाके में संदिग्ध आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की थी. इसके बाद सेना और आतंकियों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक गोलीबारी हुई थी. वहीं, इससे पहले सुरक्षा बलों ने शोपियां में एक बड़े आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर जाकिर गनई को मार गिराया था.

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