मध्य प्रदेश में प्राइवेट यूनिवर्सिटी शुरू करना हुआ आसान, राज्य सरकार ने नियमों में किया बदलाव
TV9 Bharatvarsh July 22, 2026 10:43 PM

मध्य प्रदेश में प्राइवेट यूनिवर्सिटी शुरू करना आसान होने जा रहा है. राज्य सरकार इसके लिए कई नियमों व शर्तों में बदलाव करने जा रही है. इस संबंध मेंराज्य सरकार ने विधानसभा में प्राइवेट यूनिवर्सिटी कानून में संशोधन विधेयक पेश किया है, जिसमें यूनिवर्सिटी खोलने के लिए जमीन, बिल्डिंग और फिक्स्ड जमा जैसी कई अनिवार्य शर्तें हटा दी गई हैं. इस कानून में संशाेधन को लेकर सरकार का कहना है कि इससे शिक्षा के क्षेत्र में प्राइवेट निवेश बढ़ेगा और नए संस्थान खुलेंगे.

आइए, जानते हैं कि मध्य प्रदेश के नए कानून में क्या है. मसलन, प्राइवेट यूनिवर्सिटी शुरू करने के लिए नियमों को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ने कौन सी शर्तें हटाई हैं. साथ ही जानेंगे कि इसको लेकर सरकार का क्या तर्क है.

10 हेक्टेयर जमीन की अनिवार्यता खत्म की गई

मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किए प्राइवेट यूनिवर्सिटी कानून संशोधन विधेयक में कई पुरानी शर्तों को हटाया गया है. इसमें प्राइवेट यूनिवर्सिटी शुरू करने के लिए 10 हेक्टेयर जमीन की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है. अब यूनिवर्सिटी शुरू करेन के लिए सिर्फ UGC के नियमों के मुताबिक पर्याप्त जमीन होना ही काफी होगा. इसके साथ ही2500 वर्गमीटर निर्मित भवन की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है. अब जरूरत के हिसाब से भवन होना पर्याप्त माना जाएगा.

विनियामक आयोग उठाएगा स्टूडेंट्स की जिम्मेदारी

वहीं नए विधेयक में प्राइवेट यूनिवर्सिटी शुरू करने के लिए 5 करोड़ रुपये की विन्यास निधि (एंडोमेंट फंड) जमा करने की शर्त भी हटा दी गई है.इसके बदले 1 अप्रैल 2027 से सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटी को नियामक आयोग को हर साल वार्षिक शुल्क देना होगा.अगर कोई प्राइवेट यूनिवर्सिटी बंद हो जाती है या नियमों का उल्लंघन करती है तो स्टूडेंट्स की पढ़ाई, परीक्षा और डिग्री की जिम्मेदारी विनियामक आयोग उठाएगा.इस पर होने वाला खर्च यूनिवर्सिटी के जनरल फंड से किया जाएगा.

सरकार का तर्क

प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने के लिए नियमों में बदलाव को लेकर राज्य सरकार का कहना है कि महंगी जमीन, 10 हेक्टेयर जमीन की अनिवार्यता और 5 करोड़ रुपये की फिक्स्ड राशि जैसी शर्तों के कारण नए निवेशक शिक्षा के क्षेत्र में नहीं आ पा रहे थे. नियम आसान होने से नए प्राइवेट यूनिवर्सिटी खुलेंगी, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और छात्रों को बेहतर विकल्प मिल सकेंगे.

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