झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC ) ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025 को स्थगित कर दिया है. ये परीक्षा 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित थी. आयोग ने कहा है कि अपरिहार्य कारणवश परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित किया जा रहा है. आयोग ने फैसला तब लिया है, जब प्रदेशभर में जेपीएससी 14वीं प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) की OMR शीट में गड़बड़ी समेत भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किए जा रहे हैं. आयोग ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि वेबसाईट पर Examination Calendar-2026 के तहत प्रकाशित Proposed Exam Schedule Date 9.07.2026 में अंकित शेष परीक्षाओं के लिए निर्धारित कार्यक्रम को भी अगले आदेश तक स्थगित किया जाता है.
आइए, पूरा मामला विस्तार से समझते हैं. समझते हैं कि क्यों प्रदर्शन किया जा रहा है. इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई हैं.
PT में धांधली का आरोपझारखंड में 14वीं जेपीएससी PT परीक्षा के परिणाम जारी होते ही राज्य में स्टूडेंट्स के बीच आक्रोश देखा जा रहा था. परीक्षा में कथित धांधली, भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के विरोध में छात्रों के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी, आजसू पार्टी और जेएलकेएम के नेता भी मैदान में उतर गए हैं.
असल में 14वी JPSC की PT का रिजल्ट जारी होने के बाद से ही विवादों के घेरे में आ गया था, जेपीएससी के कैंडिडेट्स और विभिन्न राजनीतिक दलों ने PT की ओएमआर शीट में गड़बड़ी और कटऑफ सार्वजनिक नहीं किए जाने समेत यूपी की ब्लैकलिस्टेड कंपनी को परीक्षा आयोजन का टेंडर देने का आरोप लगाया था.
बीजेपी युवा मोर्चा का प्रदर्शनइन आरोपों को लेकर बुधवार 22 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज के नेतृत्व में पूरे प्रदेश के 24 जिलाें से कार्यकर्ता रांची में जुटे. बीजेपी युवा मोर्चा ने परीक्षा में हुई कथित धांधली अनियमितता भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए तत्काल परीक्षा को रद्द करने के साथ-साथ सीबीआई जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए, जोरदार आक्रोश प्रदर्शन करते हुए जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया.
इस दौरानभाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि झारखंड की वर्तमान सरकार ने JPSC जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता को दांव पर लगा दिया है. सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के बजाय युवाओं से आवेदन शुल्क वसूलकर उनकी मेहनत की कमाई लूटने और रोजगार को व्यापार बनाने का काम किया है.
JPSC चैयरमैन को देना पड़ा है इस्तीफाकैंडिडेट्स की नाराजगी समेत भाजयुमो के राज्यव्यापी जनाक्रोश के दबाव में जेपीएससी चेयरमैन से बीते रोज आनन-फानन में इस्तीफा लिया गया. इसके बाद से इस पूरे प्रकरण को संदेह की नजर से देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि अगरसब कुछ पारदर्शी था तो चेयरमैन को हटाने की नौबत नहीं आनी चाहिए थी.