
Mumbai , 22 जुलाई . भाजपा एमएलसी श्रीकांत भारतीय ने Prime Minister आवास के बाहर कांग्रेस नेता एवं Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी बात संसद के भीतर रखनी चाहिए, न कि सड़क पर तमाशा करना चाहिए. केंद्र Government नीट समेत युवाओं से जुड़े सभी मुद्दों को लेकर संवेदनशील है और जांच भी कर रही है, लेकिन विपक्ष इन मुद्दों का Politicalरण कर रहा है.
राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर श्रीकांत भारतीय ने कहा कि राहुल गांधी जब भी विदेश से लौटते हैं, उसके बाद इस तरह की गतिविधियां करना उनका पुराना इतिहास रहा है. अब राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उन्हें संसद के भीतर अपनी बात रखने का पूरा अवसर प्राप्त है. Government चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन वह सदन के बजाय बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. कांग्रेस की राजनीति की यही परंपरा रही है और देश की जनता इस तरह की राजनीति को समझ चुकी है. नीट जैसे विषयों पर Government पूरी तरह संवेदनशील है और सभी आवश्यक जांच प्रक्रियाएं चल रही हैं. राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर जो बातें कही हैं, उन्हें देश की जनता पसंद नहीं कर रही है.
नेपाल की तरह युवाओं को भड़काने की संभावना संबंधी सवाल पर श्रीकांत भारतीय ने कहा कि नेपाल की परिस्थितियां पूरी तरह अलग थीं, जहां युवाओं के बीच अलग प्रकार का असंतोष था. उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर जिस तरह के लोग मंच पर मौजूद थे, वे ऐसे लोग हैं जिनकी छवि ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ और राष्ट्रविरोधी विचारधारा से जुड़ी रही है. देश की युवा शक्ति ऐसे लोगों के साथ नहीं जाएगी. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व पर युवाओं का विश्वास कायम है. नीट का परिणाम आ चुका है और 70 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं, इसलिए देश के युवा इस पूरे घटनाक्रम को समझ रहे हैं और इस प्रकार की नौटंकी का समर्थन नहीं करेंगे.
श्रीकांत भारतीय ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा केंद्र Government की तुलना रावण से किए जाने वाले बयान की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि आजकल उद्धव ठाकरे इतिहास और धार्मिक प्रतीकों का सहारा ले रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग Maharashtra में राम रक्षा का पाठ करते हैं और रावण के उदाहरण देते हैं, वे ऐसे लोगों के साथ राजनीति कर रहे हैं जिन्हें भगवान राम भी स्वीकार नहीं हैं. उन्होंने उद्धव ठाकरे को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें पहले Maharashtra में अपनी Political स्थिति पर ध्यान देना चाहिए. Maharashtra की जनता यह समझ रही है कि उद्धव ठाकरे की Political मंशा क्या है और वे किन लोगों के साथ मिलकर राजनीति कर रहे हैं.
आम आदमी पार्टी द्वारा यह कहे जाने पर कि राहुल गांधी के प्रदर्शन से सीजेपी का आंदोलन कमजोर हुआ है. राहुल गांधी, अखिलेश यादव और दिल्ली के पूर्व Chief Minister अरविंद केजरीवाल सहित विपक्ष के कई नेताओं की विश्वसनीयता युवाओं और आम जनता के बीच समाप्त हो चुकी है. लगातार अपना रुख बदलने की वजह से जनता भी इन नेताओं की Political स्थिति को समझ चुकी है.
Mumbai में प्रदर्शन के दौरान औरंगजेब की तस्वीर दिखाए जाने के मामले पर बीजेपी एमएलसी ने कहा कि यह पूरी तरह स्वाभाविक है क्योंकि जिस प्रकार की भीड़ और विचारधारा वहां मौजूद थी, उसी का यह प्रतिबिंब है. यदि ऐसी विचारधारा होगी तो छत्रपति शिवाजी महाराज की जगह औरंगजेब की तस्वीर ही सामने आएगी. Maharashtra की भूमि पर औरंगजेब की तस्वीर का प्रदर्शन लोगों को यह संकेत देता है कि इसके पीछे किस प्रकार की मानसिकता और मंशा काम कर रही है.
जम्मू-कश्मीर के Chief Minister उमर अब्दुल्ला के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल किए बिना आर्टिकल 370 की वापसी की चर्चा की थी, श्रीकांत भारतीय ने कहा कि जब तक सूरज और चांद रहेंगे, तब तक India में आर्टिकल 370 की बहाली नामुमकिन है. उन्होंने दावा किया कि आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और अनुसूचित जनजातियों सहित विभिन्न वर्गों को नए अवसर मिले हैं. यह बात जम्मू-कश्मीर की जनता भी जानती है और उमर अब्दुल्ला भी इससे भली-भांति परिचित हैं.
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