यह भारत है, किसी भी स्थिति में नेपाल नहीं बनने दिया जाएगा: राम सिंह कैरा
Indias News Hindi July 23, 2026 12:43 AM

देहरादून, 22 जुलाई . उत्तराखंड Government में मंत्री राम सिंह कैरा ने Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे छात्र संघ की तरह बर्ताव कर रहे हैं, जबकि उन्हें नेता विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए. पीएम आवास के बाहर विरोध जता कर उन्होंने अराजकता फैलाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन यह India देश है, इसे किसी भी स्थिति में नेपाल नहीं बनने दिया जाएगा.

उत्तराखंड Government में मंत्री राम सिंह कैरा ने Wednesday को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ मिलकर व्यवस्था को खराब करना चाहते हैं. जनता के द्वारा चुनी Government, जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए काम कर रही है. विपक्ष के नेता को जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाना चाहिए, लेकिन वे कॉलेज के स्टूडेंट्स की तरह उछल कूद कर रहे हैं.

उन्होंने प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी राज्य में व्यवस्था को भंग करने की कोशिश करेगी तो हमारी Government और Police निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है.

दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा द्वारा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के घेराव का आह्वान लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ और पूरी तरह दुर्भाग्यपूर्ण है. जिन मुद्दों पर भाजपा को छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए था, उन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए वह विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है. कांग्रेस छात्रों, युवाओं और जनता के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी. बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी जैसे गंभीर मामलों को उठाने और युवाओं के हितों की बात करने से कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी. हम सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करते हैं कि शांति, संयम और अनुशासन बनाए रखें तथा किसी भी उकसावे में न आएं. साथ ही प्रशासन से अपेक्षा है कि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करे और किसी भी अप्रिय स्थिति को उत्पन्न न होने दे. कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है और जनहित के हर मुद्दे पर पूरी मजबूती से अपनी आवाज उठाती रहेगी.

उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह से Tuesday को Police द्वारा उन्हें पीएम आवास के बाहर से हटाया गया, उसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. छात्रों और युवाओं के कदम अब पीछे हटने वाले नहीं हैं. पिछले एक महीने से लाखों छात्र और युवा नीट में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं. उनकी पहली और सबसे बड़ी मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि Government छात्रों और युवाओं की आवाज सुनने के बजाय उनकी आवाज दबाने और दमनकारी रवैया अपनाने में लगी हुई है.

डीकेएम/डीकेपी

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