CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड मेडल में कितना सोना लगता है? कहां बने ग्लासगो गेम्स के पदक?
TV9 Bharatvarsh July 23, 2026 05:42 AM

गुरुवार 23 जुलाई से स्कॉटलैंड की राजधानी ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज होगा. करीब 70 से ज्यादा देशों के 3000 से ज्यादा एथलीट इन गेम्स में हिस्सा लेने के लिए ग्लासगो पहुंच रहे हैं. इस बार के गेम्स पहले कि तुलना में छोटे हैं क्योंकि सिर्फ 10 खेलों में ही अलग-अलग इवेंट का आयोजन हो रहा है. मगर इवेंट 10 हों या 20, गेम्स में जीते हर मेडल की अहमियत उतनी ही होती है. खास तौर पर गोल्ड मेडल जीतना तो सबसे बड़ी उपलब्धि होता है. मगर क्या आपको पता है कि जिस गोल्ड मेडल के लिए खिलाड़ी इतना जोर लगाते हैं, वो पूरा सोने का नहीं बना होता?

ये एक ऐसा सवाल है, जो सालों से पूछा जाता रहा है और आगे भी पूछा जाता रहेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि हर नए गेम्स के साथ एक नई युवा पीढ़ि पहली बार इन्हें देखती है, इनके बारे में पढ़ती है और समझती है. ऐसे में बरबस ही ये सवाल उठ जाता है कि क्या वाकई में गोल्ड मेडल या सिल्वर मेडल या ब्रॉन्ज मेडल इन्हीं धातुओं के बने होते हैं? तो चलिए इसका जवाब भी आपको दे देते हैं.

क्या सोना वाकई सोना है?

गेम्स कोई भी हों, चाहे वो कॉमनवेल्थ हों या एशियन गेम्स हों या फिर सबसे बड़े ओलंपिक गेम्स हों, इन सभी आयोजनों में जो भी गोल्ड मेडल मिलते हैं, उनमें असली का सोना लगा होता है. यानि असली सोने का इस्तेमाल उन मेडल में किया जाता है. मगर सबसे अहम बात ये है कि पूरा मेडल सोने का नहीं बनता, बल्कि इस मेडल का 92.5 फीसदी हिस्सा स्टर्लिंग सिल्वर यानि एक खास तरह की चांदी से बनता है और कम से कम 6 ग्राम सोने का इस्तेमाल किया जाता है.

ऐसा इसलिए क्योंकि शुद्ध सोने का मेडल बनाना न सिर्फ बेहद महंगा है बल्कि उन मेडल का शेप बिगड़ने की आशंका रहती है. चांदी के मामले में मेडल ठोस रहता है. फिर उसके ऊपर शुद्ध सोने की परत चढ़ाई जाती है. इससे मेडल में सोने की चमक और उपस्थिति रहती है और साथ ही वो अपने आकार में बना रहता है. हालांकि सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल में ऐसी कोई जरूरत नहीं होती. सिल्वर मेडल पूरी तरह स्टर्लिंग सिल्वर का और ब्रॉन्ज मेडल पूरी तरह कांसे का बनता है.

कहां बने ग्लासगो गेम्स के मेडल?

अब बात अगर गोल्ड मेडल की कीमत की करें तो ये तय नहीं है. ग्लासगो गेम्स में मेडल की कीमत का खुलासा नहीं हुआ है. हर गेम्स में मेडल की कीमत अलग-अलग होती है क्योंकि ये उस वक्त के मेटल रेट और मेडल के आकार-वजन पर निर्भर करता है. मगर रिपोर्ट्स बताती हैं कि आम तौर पर एक गोल्ड मेडल को बनाने में 1 से 2 लाख रुपये तक का खर्च आ जाता है. ग्लासगो गेम्स के लिए जो मेडल बने हैं, उन्हें ग्लासगो की रहने वाली एक डिजाइनर मिलित्सा मिलेन्कोवा ने डिजाइन किया है. वहीं इनका निर्माण इंग्लैंड के बर्मिंघम की क्राफ्ट्स एजेंसी ‘टॉय, केनिंग एंड स्पेन्सर’ ने किया है.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.