Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- क्या छात्र फिर कभी देख पाएगा? CJP प्रदर्शन में पैलेटगन के इस्तेमाल का आरोप
Webdunia Hindi July 24, 2026 08:43 PM

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेतृत्व में कथित NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा कथित रूप से पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए और कुछ की आंखों की रोशनी तक प्रभावित हुई।  पैलेट गन के इस्तेमाल और उससे हुई चोटों के आरोप लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस और सरकारी पक्ष इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं। मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आए हैं।

ALSO READ: CJP Protest : 2 घंटे तक चली CJP की केंद्रीय मंत्रियों से मीटिंग, क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा!

घायलों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने घायल छात्र साहिल का जिक्र करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उसके चेहरे पर पैलेट लगा, जिससे उसकी एक आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने कहा कि डॉक्टर भी यह नहीं बता पा रहे हैं कि उसकी आंख की रोशनी दोबारा लौट पाएगी या नहीं। राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा, "क्या वह फिर कभी देख पाएगा? 

 

यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें दावा किया गया था कि 20 जुलाई को हुए CJP मार्च के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पैलेट गन से चोट लगी। हालांकि, दिल्ली पुलिस और सरकारी फैक्ट-चेक एजेंसियों ने ऐसे आरोपों से इनकार किया है।

 

राहुल गांधी ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं।

 

  • कथित NEET पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों को तत्काल हटाया जाए।
  • छात्रों पर कथित पैलेट गन चलाने और लाठीचार्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

 

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और बल प्रयोग के आरोपों की जांच करने पर विचार करने का संकेत दिया है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग बरकरार

राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है, जिस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और इस पर शुक्रवार को सरकार चर्चा करेगी। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को "अपराधीकरण की ओर बढ़ चुकी शिक्षा व्यवस्था का प्रतीक" बताते हुए आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के लिए वही जिम्मेदार हैं और उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।

CJP का दावा- सरकार ने दो मांगें मानीं

 

संविधान क्लब में करीब दो घंटे चली बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने संगठन की दो प्रमुख मांगों को सिद्धांततः स्वीकार कर लिया है, जबकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फैसला लेने के लिए शुक्रवार दोपहर तक का समय मांगा है।

 

रांका के मुताबिक आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सिद्धांततः सहमति जताई है। प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज FIR और अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने पर भी सहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि CJP और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों, जिनमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हैं, के बीच शनिवार को तीसरे दौर की वार्ता होगी।

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.