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केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को मॉडर्न टेक्नोलॉजी से जोड़ने और उन्हें रोज़गार के नए मौके देने के लिए 'नमो ड्रोन दीदी स्कीम' शुरू की है। इस स्कीम के तहत महिलाओं को ड्रोन चलाने की फ्री ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद महिलाएं ड्रोन की मदद से किसानों के खेतों में खाद और पेस्टीसाइड स्प्रे करके अच्छी इनकम कमा सकती हैं।
किस महिला को मिलता है फायदा?
तो, इस स्कीम का फायदा महिला सेल्फ-हेल्प ग्रुप (SHG) की मेंबर को मिलता है। अप्लाई करने वाली महिला का किसी रजिस्टर्ड SHG की मेंबर होना ज़रूरी है। उसके बाद, सरकारी नियमों और एलिजिबिलिटी के हिसाब से बेनिफिशियरी महिलाओं को चुना जाता है।
अप्लाई कैसे करें?
ड्रोन दीदी स्कीम के लिए अलग से कोई ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस नहीं है। इसके लिए महिलाओं को सबसे पहले अपने गांव या इलाके में किसी महिला सेल्फ-हेल्प ग्रुप से जुड़ना चाहिए। उसके बाद, उन्हें अपने जिले में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट, डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन या नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (NRLM) ऑफिस में कॉन्टैक्ट करना चाहिए। संबंधित अधिकारी स्कीम के बारे में जानकारी देते हैं और चुनी गई महिलाओं को ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है।
ट्रेनिंग में क्या सिखाया जाता है? चुनी गई महिलाओं को ड्रोन उड़ाने की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें खेतों में खाद और कीटनाशकों का सुरक्षित छिड़काव, ड्रोन का रखरखाव और सुरक्षा नियमों की जानकारी शामिल है। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद, महिलाओं को एक ऑफिशियल सर्टिफिकेट दिया जाता है।
महिलाओं के लिए एक बड़ा मौका
ट्रेनिंग के बाद, महिलाएं किसानों को ड्रोन से छिड़काव की सर्विस देकर अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकती हैं। इससे उनकी इनकम बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही, इससे किसानों का समय, मेहनत और लागत भी कम होती है। इसलिए, यह स्कीम ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम होती जा रही है।