प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत के रक्षा उपकरणों और टेकनोलॉजी से जुड़ी जानकारी साझा की है. उन्होंने कहा है कि भारत के रक्षा उपकरणों और टेक्नोलॉजी में दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है. साथ ही उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल सिस्टम से जुड़े हालिया समझौते को भारत के मजबूत होती रक्षा क्षमताओं का सबूत बताया है.
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, भारत की रक्षा क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के मन की बात का हालिया एपिसोड का भी जिक्र किया. जिसमें पीएम ने कहा कि भारत की रक्षा क्षमताएं दुनिया भर में पहचान बना रही हैं.
जायसवाल ने बताया कि पीएम मोदी ने बताया कि कैसे भारत स्वदेशी रक्षा निर्माण को मजबूत करने से लेकर निर्यात बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने तक लगातार मुकाम हासिल कर रहा है.
मोदी की इंडोनेशिया यात्रा पर हुआ अहम रक्षा समझौता
उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल सिस्टम के लिए हुआ समझौता भारतीय रक्षा तकनीक में बढ़ते वैश्विक भरोसे को दर्शाता है. मोदी ने कहा, 'भारत रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात और मित्र देशों के साथ रणनीतिक सहयोग में लगातार नए मुकाम हासिल कर रहा है. दोस्तों, चाहे रक्षा उत्पादन हो, रक्षा निर्यात हो, या मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग, भारत लगातार ऊंचाइयां छू रहा है. इस महीने की शुरुआत में मैं इंडोनेशिया में था. जहां ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों के लिए बड़ा समझौता हुआ.'
India's defence capabilities are earning global recognition.
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 26, 2026
In #MannKiBaat today, PM @narendramodi spoke about how from strengthening indigenous defence manufacturing to expanding exports and deepening strategic partnerships, India continues to scale new milestones.
The… pic.twitter.com/Pze8uH2kpy
भारत के रक्षा उपकरणों और तकनीक पर बढ़ रहा भरोसा
भारत के रक्षा उपकरणों और तकनीक के प्रति दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है. हाल ही में 6 से 8 जुलाई के बीच हुई पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने 7 जुलााई को महत्वपूर्ण समझौतों पर साइन किए हैं. इनमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और असत्र बियॉन्ड-विजुअल रेंज एयर टू एयर मिसाइल की आपूर्ति शामिल है.
दोनों देशों ने एक स्वतंत्र, खुले, पारदर्शी, नियमों पर आधारित, शांतिपूर्ण, समृद्ध और समावेशी इंडो पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. दोनों देशों ने अपने संयुक्त बयान में कहा है कि दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक और व्यापारिक सहयोग भारत-इंडोनेशिया के गतिशील संबंधों का एक मुख्य स्तंभ बना हुआ है. उन्होंने भारत के 'विकसित भारत 2047' और 'इंडोनेशिया एमास 2045' के विजन के बीच व्यापक आर्थिक और विकासात्मक तालमेल को भी स्वीकार किया.