AIBE में लगातार तीसरी बार घटा पास प्रतिशत, इसके पीछे क्या है वजह?
कविता गाडरी July 28, 2026 06:12 PM

AIBE 2026 Exam: ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) में इस बार पास होने वाले उम्मीदवारों की संख्या लगातार तीसरे साल कम हुई है. जून 2026 सत्र के रिजल्ट के अनुसार करीब 1.75 लाख अभ्यर्थियों में से केवल 1,15,805 उम्मीदवार ही पास कर सके. यानी इस बार कुल पास प्रतिशत 65.92 फीसदी रहा. खास बार यह है कि यह रिजल्ट तब आया है जब मॉनिटरिंग कमेटी ने सभी वर्गों के लिए कटऑफ में तीन अंको की राहत देने का फैसला किया था. अगर यह राहत नहीं दी, जाती तो पास प्रतिशत और भी कम हो सकता था

प्रश्नों का पैटर्न बदलने से बढ़ी मुश्किलें 

कानून एक्सपर्ट्स के अनुसार ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन में पिछले कुछ वर्षों से प्रश्न पूछने के तरीके में लगातार बदलाव हो रहा है. जहां पहले सीधे तथ्यों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते थे, वहीं अब केस आधारित, तर्कपूर्ण और विश्लेषणात्मक प्रश्नों की संख्या बढ़ गई है. इस बार परीक्षा में असर्शन रीजनिंग, सही क्रम, मैचिंग और गलत ऑप्शन चुनिए जैसे प्रश्न शामिल किए गए. जिनका उद्देश्य केवल जानकारी नहीं बल्कि उम्मीदवार की कानूनी समझ और निर्णय लेने की क्षमता को परखना था. इसी बदलाव के कारण कई उम्मीदवार अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके.

नए आपराधिक कानून भी बने समस्या 

AIBE XXI वह पहला परीक्षा सत्र था, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) से जुड़े प्रश्न प्रमुख रूप से शामिल किए गए. इससे पहले तक उम्मीदवारों को केवल पुराने और नए दोनों कानून से प्रश्न पूछे जाने की जानकारी दी गई थी. हालांकि कई अभ्यर्थी ने पुराने अध्ययन सामग्री के आधार पर तैयार की थी. ऐसे में नए स्कूलों की धाराओं और क्रम संख्या में बदलाव के कारण उन्हें परीक्षा के दौरान कठिनाई का सामना करना पड़ा. 

ओपन बुक परीक्षा होने के बाद भी समय सबसे बड़ी परेशानी 

AIBE ओपन बुक परीक्षा है, जिसमें उम्मीदवार Bare Acts अपने साथ परीक्षा केंद्र ले जा सकते हैं. इसके बावजूद एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार सबसे बड़ी समस्या समय प्रबंधन रही. परीक्षा में 100 प्रश्न हल करने के लिए 3 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाता है, यानी प्रत्येक प्रश्न के लिए औसतन 2 मिनट से थोड़ा ज्यादा समय मिलता है. ऐसे में जो उम्मीदवार हर उत्तर खोजने के लिए Bare Acts पर निर्भर रहे, उनका काफी समय इस प्रक्रिया में निकल गया. वहीं जिन उम्मीदवारों ने पहले से अच्छी तैयारी की थी, वह आवश्यक प्रावधान जल्दी ढूंढ कर समय बचाने में सफल रहे. 

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कट ऑफ में दी गई तीन अंको की राहत 

परिणाम घोषित करने से पहले मॉनिटरिंग कमेटी ने सभी कैटेगरी के उम्मीदवारों को तीन अंको से राहत देने का फैसला किया था. इसके बाद सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए न्यूनतम पासिंग अंक 45 से घटकर 42 कर दिए गए, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए कटऑफ 40 से घटकर 37 कर दी गई. इसके बाद ही अंतिम रिजल्ट जारी किए गए.

जेंडर के अनुसार AIBE XXI 2026 रिजल्‍ट 

जेंडर      परीक्षा में शामिल उम्‍मीदवार      पास उम्‍मीदवार     फेल उम्‍मीदवार          कदाचार के मामले

मह‍िला          64,784                                 42,757               22,022                         5

पुरुष            1,10,909                              73,045               37,849                        15

ट्रांसजेंडर      8                                             3                        5                               0

टोटल           1,75,701                              1,15,805            59,876                        20

1.75 लाख उम्मीदवारों में से 1.15 लाख हुए सफल

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के आंकड़ों के अनुसार इस बार परीक्षा में कुल 1,75,701 उम्मीदवार शामिल हुए. इनमें से एक लाख 1,15,805 उम्मीदवार सफल रहे, जबकि 59,876 अभ्यर्थी परीक्षा पास नहीं कर सके. परीक्षा के दौरान कुल 20 मामलों में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के मामले भी दर्ज किए गए.

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