झारखंड में 'सरेंडर स्ट्राइक' का बड़ा असर, एक साथ 16 नक्सलियों ने डाले हथियार; एक दिन पहले 18 ने किया था आत्मसमर्पण
TV9 Bharatvarsh July 28, 2026 08:43 PM

Jharkhand News: झारखंड को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नवजीवन-2’ के तहत प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के 16 सक्रिय नक्सलियों ने मंगलवार को रांची स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया. सभी नक्सलियों ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया.

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 11 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल हैं. इनके पास से AK-47, इंसास, HK-33, M-16 और यूएस कार्बाइन सहित कुल 11 अत्याधुनिक हथियार, 38 मैगजीन और 1,562 राउंड कारतूस बरामद हुए, जिन्हें सुरक्षा बलों के समक्ष जमा कराया गया.

कई कुख्यात नक्सलियों ने किया सरेंडर

सरेंडर करने वालों में 15 लाख रुपये का इनामी और 128 मामलों में वांछित रीजनल कमेटी सदस्य संतोष उर्फ गांधी, 10 लाख रुपये का इनामी जोनल कमेटी सदस्य चंदन लोहरा, जोनल कमेटी सदस्य संतोष मांझी, जयकांत मुंडा, 5-5 लाख रुपये के इनामी सब-जोनल कमांडर अनिल तुरी, राजनाथ हांसदा और सुखलाल बिरजिया जैसे कई बड़े नक्सली शामिल हैं. इनके अलावा कई एरिया कमेटी सदस्य और दस्ता सदस्य भी मुख्यधारा में लौटे हैं.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह आत्मसमर्पण झारखंड सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों का परिणाम है. अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है.

सरकार की नक्सल मुक्त नीति का असर

इस मौके पर झारखंड पुलिस के आईजी (ऑपरेशन) नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इससे पहले 21 मई 2026 को राज्य के इतिहास में पहली बार 27 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया था. इसके बाद कई बड़े नक्सली गिरफ्तार हुए या उन्होंने आत्मसमर्पण किया. उन्होंने कहा कि झारखंड में सक्रिय अन्य वांछित नक्सलियों से भी हथियार छोड़कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की गई है.

कई नक्सली अभी भी सक्रिय

हालांकि, अधिकारियों द्वारा यह दावा कि राज्य में अब केवल सीमित संख्या में सक्रिय नक्सली बचे हैं, स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका है. पुलिस का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों का स्वागत किया जाएगा, जबकि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.

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