Delhi Traffic Advisory: दिल्ली पुलिस ने कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. सावन महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान लाखों कांवड़ियों के दिल्ली से गुजरने की संभावना को देखते हुए राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं. पुलिस ने लोगों से यात्रा की योजना पहले से बनाने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है.
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई से 12 अगस्त तक भारी वाहनों (HTVs) की आवाजाही पर कई प्रमुख मार्गों पर प्रतिबंध रहेगा. प्रभावित मार्गों में जीटी रोड (अप्सरा बॉर्डर से यमुना ब्रिज तक), वजीराबाद रोड, विकास मार्ग, आशा राम त्यागी मार्ग (रोड नंबर-66), पुश्ता रोड और लोनी रोड शामिल हैं. इन मार्गों पर कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाएगी.
भारी वाहनों पर रहेगी रोकदिल्ली में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा. इसके तहत एनएच-9 और एनएच-44 सहित अन्य निर्धारित रूटों बनाया गया है. इस रूट के माध्यम से ट्रकों और बड़े व्यावसायिक वाहनों का डायवर्जन किया जाएगा. कांवड़ मार्गों पर यातायात का दबाव कम रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त सुबह 7 बजे से 12 अगस्त रात 8 बजे तक अप्सरा बॉर्डर से यमुना ब्रिज तक जीटी रोड आम वाहनों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा.
इस अवधि में केवल कांवड़ यात्रियों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही अनुमति दी जा सकती है. इसके अलावा दिल्लीदेहरादून एक्सप्रेसवे पर भी कांवड़ यात्रियों और कांवड़ वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. पुलिस का कहना है कि यह फैसला एक्सप्रेसवे पर यातायात को सुचारु बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
पुलिस ने लोगों से की ये अपीलदिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट अवश्य देखें. वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें. पुलिस का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों के सहयोग से ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा जा सकेगा.