अंधेरे में चकमा खा गए कातिल! बंटी की जगह राकेश को मार डाला, दो महीने पहले ही हुई थी शादी; पुराने इश्क में कैसे खेला खूनी खेल?
TV9 Bharatvarsh July 29, 2026 05:43 PM

Raisen Murder Case: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सांची थाना क्षेत्र में हुए चर्चित राकेश लोधी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. जांच में सामने आया कि 26 वर्षीय हार्डवेयर कारोबारी राकेश लोधी की हत्या किसी व्यक्तिगत दुश्मनी में नहीं, बल्कि गलत पहचान के कारण हुई. हमलावर उसके मौसेरे भाई भगवानदास उर्फ बंटी की जान लेने आए थे वो कोई और था. लेकिन अंधेरे और एक जैसी कद-काठी के फेर में बेकसूर राकेश की हत्या कर फरार हो गए.

पुलिस ने इस मामले में 25 वर्षीय धीरेन्द्र उर्फ गोलू पाल, 25 वर्षीय प्रिंसराज गौड़ और एक 17 वर्षीय नाबालिग को गिरफ्तार किया है. वहीं एक अन्य आरोपी अभी फरार है जिसकी तलाश जारी है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका असली निशाना भगवानदास था, लेकिन घटना की रात भगवानदास की बाइक राकेश चला रहा था. इसी वजह से वे भ्रमित हो गए और बिना सही पहचान किए उस पर तलवारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया.

छह महीने पहले भगवानदास की हुई थी शादी

पुलिस जांच के मुताबिक भगवानदास की शादी करीब छह महीने पहले भोपाल की एक युवती से हुई थी. शादी से पहले युवती का प्रेम संबंध करोंद निवासी धीरेन्द्र उर्फ गोलू पाल से था. परिवार की सहमति से युवती की शादी भगवानदास से होने के बाद गोलू उससे रंजिश रखने लगा. इसी रंजिश के चलते उसने अपने साथियों के साथ भगवानदास की हत्या की साजिश रची और कई दिनों तक उसकी गतिविधियों की रेकी की.

घटना बाले दिन शनिवार 25 जुलाई को राकेश रोज की तरह अपने ममेरे भाई बबलेश के साथ दुकान बंद करके बाइक से घर लौट रहा था. घर से चंद कदम दूर घात लगाए बैठे बदमाशों ने रास्ता पूछने के बहाने बाइक रुकवाई. जैसे ही राकेश रुका हमलावरों ने अचानक धारदार तलवारों से हमला बोल दिया. पीछे बैठा बबलेश किसी तरह जान बचाकर अंधेरे में खेतों की तरफ भागा और परिजनों को खबर दी.

राकेश का किया मर्डर

इधर वहशी हमलावर राकेश पर तब तक वार करते रहे, जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं. हमला इतना दरिंदगी भरा था कि राकेश का हाथ का पंजा तक कटकर अलग हो गया. लहूलुहान राकेश जान की भीख मांगता रहा, लेकिन कातिलों का दिल नहीं पसीजा. अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही राकेश ने दम तोड़ दिया. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे. राकेश अपने मामा गिरधारीलाल लोधी के सलामतपुर चौराहे स्थित हार्डवेयर, सीमेंट, सरिया और कीटनाशक के कारोबार से जुड़ा था. परिवार के अनुसार वह मुख्य रूप से हार्डवेयर की दुकान संभालता था जबकि भगवानदास कीटनाशक के व्यवसाय की जिम्मेदारी देखता था.

12 मई यानी महज दो महीने पहले ही राकेश का विवाह हुआ था. उसकी मौत से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं.मामले में रायसेन एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों का लक्ष्य भगवानदास था लेकिन गलत पहचान के कारण राकेश की हत्या कर दी गई. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है.

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