Junagadh News: गुजरात के जूनागढ़ के प्रसिद्ध गिरनार पर्वत पर एक बार फिर शेरों की मौजूदगी ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है. देर रात करीब तीन बजे गिरनार की नई सीढ़ी के 50वें पायदान के पास तीन नर शेर देखे गए. सूचना मिलते ही वन विभाग और खोज दल तुरंत मौके पर पहुंचा और पूरे इलाके की निगरानी शुरू कर दी. अधिकारियों ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाकर तीनों शेरों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर भेज दिया. इस दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई.
पहले भी हो चुकी है गंभीर घटनाकुछ दिन पहले गिरनार यात्रा के दौरान एक 11 वर्षीय बच्चे पर शेर के हमले की घटना सामने आई थी. उस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था. बाद में वन विभाग ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ सीढ़ी मार्ग से यात्रा दोबारा शुरू कराई. वर्तमान में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गिरनार स्थित मंदिरों के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. ऐसे में सीढ़ियों पर फिर से शेर दिखाई देने से सुरक्षा व्यवस्था और सतर्क कर दी गई है.
ये भी पढे़ं- पति को साइनाइड देकर मारा, फिर फैक्ट्री में गाड़ा 2 साल बाद देवर की एक धमकी से ऐसे खुली बेवफा पत्नी की पोल
वन विभाग ने जारी की सुरक्षा सलाहघटना के बाद वन विभाग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि यात्रा के दौरान कहीं शेर दिखाई दे तो घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी वन अधिकारी या ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को सूचना दें. विभाग ने विशेष रूप से सुबह तड़के और देर रात यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे अकेले यात्रा न करें, बल्कि समूह में ही चढ़ाई करें. इससे किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी.
भोजन या प्रसाद न फेंकने की अपीलवन विभाग ने लोगों से यह भी अनुरोध किया है कि गिरनार की सीढ़ियों या आसपास भोजन, प्रसाद या अन्य खाद्य सामग्री न फेंकें. अधिकारियों का कहना है कि खाने की वस्तुएं जंगली जानवरों को मानव गतिविधियों वाले क्षेत्रों की ओर आकर्षित कर सकती हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है.
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं. इसलिए सभी यात्रियों से अपील की गई है कि वे विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि गिरनार यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से जारी रह सके.