अभिजीत दीपके के नई दिल्ली से वापस लौटने से पहले मराठी समाचार चैनल से बातचीत करते हुए उनकी मां अनीता दीपके का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने बताया कि धमकी के बाद परिवार में ऐसा डर समा गया था कि उन्हें अपना घर छोड़कर कोंकण क्षेत्र में अपने एक रिश्तेदार के घर पर 16 दिनों तक शरण लेनी पड़ी। ALSO READ: जेन-जी को 'गटर जनरेशन' कहकर घिरीं कंगना रनौत, CJP ने दिया करारा जवाब
आप यह वीडियो मत देखनाअनीता दीपके ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि अभिजीत को काफी समय से धमकियां मिल रही थीं, लेकिन उसने शुरुआत में हमें परेशान न करने की नीयत से कुछ नहीं बताया। बाद में उसने एक धमकी भरे वीडियो का जिक्र किया और मुझसे खास हिदायत दी कि मैं उस क्लिप को बिल्कुल न देखूं। उस क्लिप में अभिजीत को खुली चेतावनी दी गई थी कि यदि वह बीजेपी में शामिल नहीं होता है, तो उसके माता-पिता के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। इस सीधी धमकी के बाद अभिजीत ने खुद हमसे घर छोड़कर कहीं सुरक्षित जगह पर चले जाने का आग्रह किया। ALSO READ: CJP के प्रोटेस्ट में घुसे थे हत्या, लूट और रेप के आरोपी, 989 क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले शातिर, 480 पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल जांच के घेरे में
मां अनीता ने कहा कि अभिजीत खुद ऐसी धमकियों और राजनीतिक दबाव से नहीं डरते हैं, लेकिन चूंकि उनका परिवार राजनीति और इन खतरनाक चीजों का आदी नहीं है, इसलिए उन्होंने अपने माता-पिता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। अभिजीत दीपके के पिता ने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक जीवन में काम करने वाले व्यक्ति को आलोचनाओं का सामना करना ही पड़ता है। लेकिन कुछ लोग 'फिक्स्ड सोच' के होते हैं जो रचनात्मक विरोध के बजाय सीधी धमकियों और दुश्मनी पर उतर आते हैं। ALSO READ: CJP के आंदोलन की चेतावनी के बीच दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, पार्टी का आरोप- राज्यों में जारी है गिरफ्तारियां, कानूनी सहायता के लिए बनाया फंड
नए आंदोलन की तैयारी में सीजेपीदूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी CJP को एतराज है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि उन प्रदर्शनकारियों के साथ कोई नरमी न बरती जाए, जिनका आपराधिक रिकार्ड रहा है, जबकि सीजेपी नेता सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की बात कह रहे हैं। सीजेपी ने पेपर लीक रोकने की सरकार की पहल को भी नाकाफी बताया है। अब सीजेपी नए आंदोलन की तैयारी में जुट गई है। सीजेपी ने सरकार से बातचीत के बाद धरना-प्रदर्शन तो रोक दिया, लेकिन सरकार पर शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए फिर से आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
दरअसल, पेपर लीक रोकने के लिए सरकार के कानून से सीजेपी संतुष्ट नहीं है। उसके प्रवक्ता आशुतोष रांका कहते हैं कि सरकार ने जो बिल लोकसभा में पास कराया है, वह कारगर नहीं होगा। उनका कहना है कि परीक्षाओं के पेपर लीक रोकने के लिए सीजेपी ने कई सुझाव दिए थे, पहले उन पर अमल होना चाहिए।