भोजशाला में आज कैसे होगी नमाज? सुप्रीम कोर्ट ने जिस जमीन पर दी इजाजत वहां के लोग विरोध में उतरे
TV9 Bharatvarsh July 31, 2026 03:43 PM

मध्य प्रदेश के धार के भोजशाल में कमाल मौला मस्जिद विवाद में सुप्रिम कोर्ट का फैसला आया, जिसमें मुस्लिम समुदाय से आने वाले लोगों के लिए नमाज की जगह दी गई है. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था देते हुए भोजशाला के पीछे स्थित खसरा नंबर 596 और 611 की जमीन दी है. इस पर शुक्रवार को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच नमाज की अनुमति दी है. कोर्ट ने राज्य सरकार को सुरक्षा और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

व इस विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मुसलमानों के लिए भोजशाला के ही नजदीक खसरा नंबर 596 और 611 जमीन दी और कहा कि यहां पर नमाज अदा की जाएगी. ये जमीन भोज शाला से बिल्कुल सटी हुई है. भोज शाला की बाउंड्री वॉल के बाहर या जमीन सुप्रीम कोर्ट ने मुसलमानों को नमाज अदा करने के लिए दी.

स्थानीय लोगों का विरोध

इस फैसले के बाद यहां रहने वाले स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जमीन पर वह कई वर्षों से खेती करते आए हैं साथ ही साथ उनके घर भी यहीं पर है. ऐसे में मुसलमान अगर यहां पर नमाज अदा करेंगे तो उन लोगों का क्या होगा वो लोग बेघर हो जाएंगे. ऐसे में वो खसरा नंबर 596, 611 या फिर 612 किसी भी जमीन पर नमाज अदा नहीं होने देंगे, अगर मुसलमान को नमाज अदा करना ही है तो वह भोजशाला से दूर जाकर नमाज अदा करें. इस विरोध में कई महिलाएं भी शामिल हुई हैं.

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भोजशाला-कमल मौला विवाद में अपने पहले के अंतरिम आदेश को स्पष्ट किया. कोर्ट ने विवादित भोजशाला परिसर के पास जमीन का एक खास टुकड़ा तय किया. यहां मुस्लिम समुदाय के लोग दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच शुक्रवार की नमाज पढ़ सकते हैं. भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाला बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह आदेश मुस्लिम पक्ष की एक अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया.

मुस्लिम पक्ष ने शुक्रवार की नमाज के लिए एक उपयुक्त वैकल्पिक जगह की मांग की थी, क्योंकि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने विवादित भोजशाला परिसर को मंदिर घोषित कर दिया था. हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई. इससे पहले, विवादित जगह पर पुरानी व्यवस्था को बहाल करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया था.

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