नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलनों से सबक लेते हुए बीजेपी ने Gen Z से जुड़ने के लिए अपनी संवाद रणनीति में बड़े बदलाव की तैयारी की है. पार्टी ने एकतरफा भाषण की जगह युवाओं के साथ पारदर्शी और दोतरफा संवाद स्थापित करने का फैसला किया है. बीजेपी का मानना है कि एक्स (ट्विटर) और फेसबुक जैसे पुराने प्लेटफॉर्म अब GenZ तक बात पहुंचाने में उतने कारगर साबित नहीं हो रहे हैं.
इसलिए बीजेपी अब नए सोशल मीडिया ऐप्स पर फोकस करने की रणनीति पर काम कर रही है. युवाओं से जुड़ने के लिए अब इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सक्रियता बढ़ाई जाएगी.
युवा टीमों का गठन करेगी बीजेपीदेश के युवा और छात्र इन एप्स पर संख्या में बहुत ज्यादा है और एक्टिव भी हैं. पार्टी इसके लिए युवा टीमों का गठन करेगी. हर जिले में युवाओं की विशेष टीमें बनाई जाएंगी, क्योंकि पार्टी का मानना है कि युवाओं की भाषा में संवाद केवल युवा ही बेहतर कर सकते हैं.
बीजेपी अपनी संवाद की शैली में बदलाव करने जा रही है. जटिल आंकड़ों की बजाय रील्स और प्लेकार्ड्स जैसे रोचक और मनोरंजक तरीकों से सरकारी उपलब्धियों और नीतियों को समझाया जाएगा.
नैरेटिव की लडाई में आगे रहने की तैयारीप्रधानमंत्री मोदी ने खुद आधी रात को इंस्टाग्राम पर ‘सेल्फी मोड’ में वीडियो डालकर युवाओं के अंदाज में बात करने का उदाहरण पेश किया था. साथ ही पिछली कैबिनेट की बैठक में उन्होंने मंत्रियों को भी एक्टिव होने को कहा. दरअसल नीट मामले में संवादहीनता के कारण बने माहौल से सीख लेते हुए पार्टी युवाओं के साथ एक ‘फूलप्रूफ’ और मजबूत संवाद तंत्र बनाने जा रही है. ताकि नैरेटिव की लडाई में बीजेपी पिछड़े नहीं.