भारत के अनुभवी एथलीट तेजस्विन शंकर ने ग्लासगो में वो कर दिखाया है, जो कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में इससे पहले किसी भारतीय ने नहीं किया. कुछ ही हफ्ते पहले तक हाई जंप में नेशनल रिकॉर्ड रखने वाले तेजस्विन ने ग्लासगो CWG में डिकैथलॉन का ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है. शुक्रवार 31 जुलाई को डिकैथलॉन के आखिरी इवेंट, 1500 मीटर रेस को पूरा कर तेजस्विन ने तीसरा स्थान बरकरार रखा और मेडल जीतकर इतिहास रच दिया.
आखिरी इवेंट के साथ तेजस्विन ने जीता ब्रॉन्जदो दिन तक चले मेंस डिकैथलॉन इवेंट में एथलेटिक्स के कुल 10 कम्पटीशन थे, जिसमें शुक्रवार को आखिरी 5 कम्पटीशन हुए. इसमें तेजस्विन लगातार तीसरे और चौथे स्थान के बीच घूम रहे थे. फिर जैवलिन थ्रो में उन्होंने जबरदस्त अपना सीजन का बेस्ट परफॉर्मेंस किया और तीसरे स्थान पर पहुंच गए. इसके बाद नजरें आखिरी इवेंट पर थी, जो 1500 मीटर की रेस थी. इस रेस को तेजस्विन ने 4:36.19 मिनट में पूरा किया. इसके दम पर उनका फाइनल स्कोर 7976 पॉइंट्स रहा. ये स्कोर उन्हें तीसरे स्थान पर बरकरार रखने के लिए काफी था.
लगातार दूसरी बार CWG में रचा इतिहासतेजस्विन का कॉमनवेल्थ गेम्स में ये लगातार दूसरा मेडल है और दोनों बार उन्होंने जो किया, वो भारतीय एथलेटिक्स में पहले कभी नहीं हुआ था. बर्मिंघम में 4 साल पहले हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी तेजस्विन ने हिस्सा लिया था और तब वो हाई जंप में हिस्सा ले रहे थे. तेजस्विन ने हाई जंप का सिल्वर मेडल जीता था और ऐसा करने वाले भारत के पहले एथलीट बने थे. मगर इसके तुरंत बाद उन्होंने हाई जंप को छोड़कर खुद को डिकैथलॉन में चुनौती दी और अब 4 साल बाद उन्होंने CWG में इस कम्पटीशन में भारत के लिए पहली बार मेडल जीत लिया.