CWG 2026: यामिनी मौर्या ने सिल्वर पर किया कब्जा, जूडो में मेडल की हैट्रिक पूरी, ऐसे मिली सफलता
TV9 Bharatvarsh August 01, 2026 08:42 AM

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की झोली में एक और मेडल आ गया. ये मेडल आया उस खेल से, जिसमें देश की सफलता की कहानियां पहले इक्का-दुक्का मौकों पर सुनी गई थीं. ग्लासगो में चल रहे गेम्स के 9वें दिन 31 अगस्त को भारत की जूडोका (जूडो खिलाड़ी) यामिनी मौर्या ने सिल्वर मेडल जीतकर अपने नाम खास उपलब्धि दर्ज कर ली. महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग के कड़े मुकाबले वाले फाइनल में यामिनी को आखिरी वक्त पर इंग्लैंड की एसिल्या टोपराक से हार का सामना करना पड़ा और वो गोल्ड मेडल से चूक गईं लेकिन अपने नाम सिल्वर मेडल जरूर हासिल करने में सफल रहीं.

भारत ने जूडो के खेल में शायद ही कभी ऐसा दिन देखा होगा, जैसा शुक्रवार 31 जुलाई 2026 को देखने को मिला. ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के जूडोका (जूडो खिलाड़ी) ने हैरतअंगेज प्रदर्शन करते हुए 3 मेडल जीत लिए. इसमें सबसे पहले और सबसे बड़ा इतिहास अस्मिता डे ने लिखा, जो CWG में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं. वहीं उनके 20 मिनट बाद हर्ष सिंह ने भी गोल्ड मेडल जीतकर अपना नाम अस्मिता के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज करवा दिया.

रोमांचक फाइनल में कड़ी टक्कर

मगर जहां अस्मिता और हर्ष ने गोल्ड के साथ इतिहास रचा, वहीं यामिनी की उपलब्धि भी कम नहीं रही. फाइनल में यामिनी जब उतरीं तो नजरें थी कि क्या भारत की जूडो में ‘गोल्डन हैट्रिक’ पूरी होगी या नहीं. मगर पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहीं साक्षी का सामना वर्ल्ड नंबर-13 और पिछले गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट इंग्लैंड एसिल्या टोपराक से था. ॉ

मध्य प्रदेश के सागर से आने वाली 28 साल की यामिनी ने उन्हें जोरदार टक्कर दी और रेगुलर टाइम में कोई भी नहीं जीत सका. फिर ‘गोल्डन स्कोर’ तक मामला पहुंचा. यहां भी यामिनी ने उन्हें पॉइंट हासिल नहीं करने दिया. मगर इस दौरान उन्हें तीसरी बार ‘शिडो’ (फुटबॉल की भाषा में येलो कार्ड) मिला और इसके चलते वो हार गईं.

फाइनल तक ऐसा रहा सफर

क्वार्टर फाइनल: यामिनी ने घाना की फ्रेमा अग्ये (Frema Agyei) को इप्पॉन (Ippon) में शानदार तरीके से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई.

सेमीफाइनल: फिर फाइनल में पहुंचने के लिए यामिनी ने साउथ अफ्रीका की डॉने ब्रायटेनबाख को भी इप्पॉन से हराते हुए गोल्ड मेडल मैच में जगह बनाई.

फाइनल: इंग्लैंड की एसिल्या टोपराक से कड़ी टक्कर के बाद ‘गोल्डन स्कोर’ में शिडो के कारण शिकस्त मिली और सिल्वर मेडल उनकी झोली में आया.

यामिनी के दमदार 2 साल

एशियन U-18 चैंपियनशिप, 2015: यामिनी की पहली बड़ी सफलता करीब 11 साल पहले आई थी, जब उन्होंने बैंकॉक में अंडर-18 चैंपियनशिप का ब्रॉन्ज जीता था.

वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स, 2023: चीन के चेंगदू में FISU वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2023 में यामिनी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था और ऐसा करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं थी.

एशियन ओपन, 2025: यामिनी के लिए 2025 और 2026 अच्छा गुजरा है और इसकी शुरुआत हॉन्ग कॉन्ग में हुए एशियन ओपन 2025 से हुई, जहां यामिनी ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

डकार अफ्रीकन ओपन, 2026: इस साल की शुरुआत में यामिनी ने सेनेगल के डकार में आयोजित अफ्रीकन ओपन 2026 का खिताब जीता था. उसी लय को उन्होंने अपने पहले CWG में भी जारी रखा और सिल्वर जीत लिया.

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