ग्लासगो क्लोजिंग सेरेमनी में अहमदाबाद को आधिकारिक रूप से कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और मेजबान बैटन मिलेगा
Indias News Hindi August 02, 2026 02:42 AM

ग्लासगो, 1 अगस्त . कॉमनवेल्थ गेम्स के सौवें संस्करण की मेजबानी करने की Ahmedabad की तैयारी Sunday को आधिकारिक रूप से शुरू होगी. ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान Ahmedabad को कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और मेजबान बैटन मिलेगा. इसके लिए Gujarat के उपChief Minister हर्ष संघवी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में मौजूद हैं.

क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ, कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और मेजबान बैटन आधिकारिक रूप से Ahmedabad के प्रतिनिधियों को सौंपे जाएंगे.

हैंडओवर सेरेमनी में ग्लासगो के दर्शकों को Ahmedabad 2030 का पहला प्रीव्यू भी दिखाया जाएगा, जिसमें India की सांस्कृतिक विरासत और Gujarat की पहचान को दिखाने वाला एक कार्यक्रम होगा. सेरेमनी की एक खास बात किंग्स बैटन रिले है, जो कॉमनवेल्थ गेम्स की सबसे पुरानी परंपराओं में से एक है.

कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के मुताबिक, यह रिले सभी 74 कॉमनवेल्थ देशों और इलाकों से होकर गुजरेगी.

गेम्स के इतिहास में पहली बार, हर हिस्सा लेने वाले देश और इलाके को अपना बैटन मिलेगा, जिससे हर जगह अपनी संस्कृति, विरासत और रचनात्मकता को दिखाया जा सकेगा. हर बैटन पर यूके के राजा चार्ल्स तृतीय का एक संदेश होगा, जो रिले में शुरुआती संदेश देते हैं. बैटन को समाज में अच्छे योगदान देने वाले लोग ले जाते हैं, और आखिर में बैटन गेम्स से पहले मेजबान शहर पहुंचता है. किंग्स बैटन रिले पहली बार 1958 में कार्डिफ में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में शुरू की गई थी.

ग्लासगो हैंडओवर सेगमेंट को तीन हिस्सों में डिजाइन किया गया है. ओपनिंग एक्ट ‘वंदे मातरम’ की 150वीं सालगिरह मनाएगा. इसके बाद सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा और स्कॉटिश पाइपर रॉस आइंस्ली की क्लासिकल इंडियन ‘जुगलबंदी’ होगी, जो ग्लासगो 2026 और Ahmedabad 2030 के बीच कनेक्शन को दिखाएगी.

आखिरी सेगमेंट में पूरे India की एक विजुअल यात्रा दिखाई जाएगी, जिसमें Gujarat पर खास फोकस होगा.

ग्लासगो 2026 की चीफ मार्केटिंग और सेरेमनी ऑफिसर लुईसा महोन ने कहा कि यह हैंडओवर एक सेरेमोनियल परंपरा से कहीं ज्यादा है.

उन्होंने कहा, “यह इंडियन सितार और स्कॉटिश पाइप के फ्यूजन के जरिए दो देशों की भावना को एक ही स्टेज पर लाएगा और साथ ही वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह भी मनाएगा.”

महोन ने कहा कि ग्लासगो में दर्शकों को Ahmedabad 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की पहली झलक मिलेगी.

ग्लासगो 2026 के सेरेमनी डायरेक्टर, चंदा सिंह ने कहा कि कार्यक्रम को एक ऐसे India को दिखाने के लिए डिजाइन किया गया है जो अपनी परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है और आत्मविश्वास से भरा है.

उन्होंने कहा, “Ahmedabad 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की सौवीं सालगिरह होगी और ग्लासगो में होने वाला सेरेमनी इस ऐतिहासिक सफर का पहला अध्याय होगा.”

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई थी. Ahmedabad में आयोजित होने वाला कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 ,गेम्स का 100वां वर्ष होगा.

पीएके

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.