Indore military funeral: इंदौर ने आज एक ऐसा मंजर देखा, जिसने हर आंख को नम कर दिया. जैसलमेर में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मेजर हमजा आरिफ को आज पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, लेकिन इस विदाई के दो पल ऐसे रहे, जिन्होंने हर किसी को भावुक कर दिया. पत्नी ज्योति अरोरा ने कांपते हाथों से अपने पति को अंतिम श्रद्धांजलि दी. पति को आखिरी बार विदा करते हुए वह खुद को संभाल नहीं सकीं और फूट-फूटकर रो पड़ीं.
उस दर्द भरे पल में उनकी मां ने उन्हें गले लगाकर संभाला. वहीं गार्ड ऑफ ऑनर के बाद जब सेना ने वह तिरंगा उनकी पत्नी को सौंपा, जिसमें लिपटकर मेजर का पार्थिव शव इंदौर पहुंचा था, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. मेजर हमजा आरिफ का पार्थिव शव अंतिम यात्रा के साथ इमली बाजार स्थित शिया दाऊदी बोहरा कब्रिस्तान पहुंचा, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई.
सेना के जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनरसेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी अधिकारी को अंतिम सलामी दी. इसके बाद धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार, उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया. अंतिम यात्रा में राजस्थान और मध्य प्रदेश से पहुंचे सेना के कई अधिकारी, जिनमें कर्नल, लेफ्टिनेंट और मेजर रैंक के अधिकारी भी शामिल थे. बड़ी संख्या में बोहरा समाज के लोग, शहरवासी और परिजन अपने वीर बेटे को अंतिम विदाई देने पहुंचे. हर आंख नम थी और हर चेहरा मेजर हमजा आरिफ की यादों में डूबा नजर आया.
सबसे भावुक पल तब आया, जब पत्नी ज्योति अरोरा ने अपने पति को अंतिम श्रद्धांजलि दी. वह खुद को संभाल नहीं सकीं और फूट-फूटकर रो पड़ीं. उस दौरान उनकी मां ने उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया. इसके बाद सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर के पश्चात राष्ट्रीय ध्वज उनकी पत्नी को सौंपा. तिरंगे को सीने से लगाकर खड़ी पत्नी की आंखों में पति को खोने का गहरा दुख था, लेकिन उसी तिरंगे में अपने सैनिक पति के प्रति गर्व भी साफ दिखाई दे रहा था.
कर्तव्य के प्रति पूरी तरह समर्पित थे मेजर हमजामेजर हमजा आरिफ को जानने वाले बताते हैं कि वह बेहद सरल, मिलनसार और अपने कर्तव्य के प्रति पूरी तरह समर्पित अधिकारी थे. उनकी असमय मौत ने परिवार, दोस्तों और पूरे शहर को गहरा सदमा दिया है. मेजर हमजा आरिफ अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका कर्तव्य, अनुशासन और देशसेवा का जज्बा हमेशा लोगों की यादों में जिंदा रहेगा. पूरे सैन्य सम्मान के साथ इंदौर ने आज अपने इस वीर सपूत को अंतिम विदाई दी.
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