पाकिस्तान में आतंक का बढ़ता कहर, जुलाई में 200 से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों की मौत का दावा
TV9 Bharatvarsh August 03, 2026 05:42 AM

पाकिस्तान में आतंकी हिंसा और सुरक्षा बलों पर हमलों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तानी थिंक टैंक, सुरक्षा सूत्रों और आधिकारिक बयानों के हवाले से दावा किया गया है कि सिर्फ जुलाई 2026 में पाकिस्तान के सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठान के 200 से ज्यादा कर्मी मारे गए. इन मौतों में आतंकी हमले, ऑपरेशन के दौरान हुई मौतें, टारगेट किलिंग, ड्यूटी से बाहर घात लगाकर किए गए हमले और बलूचिस्तान में हुई अन्य हिंसक घटनाएं शामिल हैं.

7 महीने में 760 से ज्यादा आतंकी घटनाएं

पाकिस्तान सिक्योरिटी वॉच के मुताबिक, 1 जनवरी से 1 अगस्त 2026 तक पाकिस्तान में 760 से ज्यादा आतंकी और उग्रवादी घटनाएं हो चुकी हैं. अकेले जुलाई में ही 180 से ज्यादा हमले और हिंसक घटनाएं हुईं, जिनमें पाकिस्तानी सुरक्षा प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया.

820 से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों की मौत

दावे के मुताबिक, 1 जनवरी से 16 जुलाई 2026 तक 820 से ज्यादा पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मी मारे जा चुके हैं. DG ISPR की मासिक ब्रीफिंग में भी कहा गया था कि 2026 के शुरुआती सात महीनों में करीब 400 से ज्यादा पाकिस्तानी सेना के जवानों की जान गई. वहीं, अलग-अलग स्रोतों के आंकड़ों को मिलाकर सुरक्षा बलों की कुल मौतों का आंकड़ा 820 से ज्यादा बताया जा रहा है. इसमें जुलाई में मारे गए 200 से ज्यादा सुरक्षा कर्मी भी शामिल बताए गए हैं.

पाकिस्तान में 600 से ज्यादा नागरिकों की मौत

आतंकी और अन्य हिंसक घटनाओं में पाकिस्तान में 600 से ज्यादा नागरिकों के मारे जाने का भी दावा किया गया है. इस आंकड़े में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए लोगों को भी शामिल बताया गया है.

PoJK में तनाव, J&K पर खतरे की आशंका

इस बीच पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में बढ़ते तनाव को लेकर भी चिंता जताई गई है. सूत्रों के मुताबिक वहां की स्थिति का असर जम्मू-कश्मीर तक पहुंचाने की कोशिश हो सकती है. आशंका जताई जा रही है कि ISI समर्थित आतंकी नेटवर्क जम्मू-कश्मीर में नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले बढ़ा सकता है. इसे पाकिस्तान की ओर से आंतरिक संकट और बढ़ते दबाव से ध्यान भटकाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है.

2026 के अंत तक आंकड़ा 1700 तक पहुंचने का अनुमान

पाकिस्तान में सुरक्षा बलों पर हमलों का मौजूदा ट्रेंड जारी रहा तो साल के अंत तक पाकिस्तानी सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठान के 1,600 से 1,700 कर्मियों के मारे जाने का अनुमान जताया गया है. गौर करने वाली बात यह है कि 2025 में पाकिस्तान के सुरक्षा प्रतिष्ठान ने 1,317 कर्मियों को खोया था, जिसे 1971 के बाद पाकिस्तान के लिए सबसे खूनी साल बताया गया था. यानी पाकिस्तान में आतंक का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है और अब इसका सीधा दबाव पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा तंत्र पर दिखाई दे रहा है.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.