भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने ISRO के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि चेयरमैन के साथ US-भारत के बीच स्पेस सहयोग को और आगे बढ़ाने पर अच्छी बातचीत हुई, जिसमें ह्यूमन स्पेसफ्लाइट प्रोग्राम भी शामिल है.
गोर ने कहा, ''NASA का ISRO को अपने मून बेस प्रोग्राम में शामिल करने का हालिया निमंत्रण दिखाता है कि यह पार्टनरशिप कितनी आगे जा सकती है, चांद तक और उससे भी आगे.''
चांद की सतह पर भारत हमारे साथ हो- सर्जियो गोर
इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु स्पेस एक्सपो 2026 को संबोधित करते हुए कहा, "NASA ने आधिकारिक तौर पर ISRO को मून बेस प्रोग्राम में हमारे साथ शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. इसमें कोई शक नहीं कि हम चांद पर जा रहे हैं और हम चाहते हैं कि चांद की सतह पर भारत हमारे साथ हो. हर भारतीय स्पेस एंटरप्रेन्योर से कहना चाहता हूं कि अमेरिकी बाजार आपके लिए खुला है. हमारे निवेशक आप पर नजर रखे हुए हैं. अमेरिका का इकोसिस्टम आपका स्वागत करता है."
Space is no longer a luxury for national pride - it is the engine of the 21st-century global economy. At @bsxindia, I emphasized how the TRUST initiative is helping drive innovation, strengthen critical supply chains, and expand opportunities for commercial space sectors in both… pic.twitter.com/NrukPFEvUU
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) September 7, 2026
सर्जियो गोर ने कहा, "स्पेस ट्रैफिक को मैनेज करने से लेकर शंघाई में होने वाली वर्ल्ड रेडियोकम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस तक, वॉशिंगटन और दिल्ली तानाशाही दबदबे के खिलाफ खुले और नियमों पर आधारित स्पेस गवर्नेंस की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं."
गोर ने एक्स पर लिखा, ''अंतरिक्ष अब सिर्फ राष्ट्रीय गौरव की बात नहीं रह गई है - यह 21वीं सदी की ग्लोबल इकॉनमी का इंजन है. बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में मैंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे TRUST पहल इनोवेशन को बढ़ावा देने, जरूरी सप्लाई चेन को मजबूत करने और हमारे दोनों देशों में कमर्शियल स्पेस सेक्टर के लिए मौके बढ़ाने में मदद कर रही है.''