एआईएमआईएम सुप्रीमो और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी के सहारनपुर में मस्जिद को बुलडोजरों के जरिए जमींदोज किए जाने के मामले को एक बार फिर जोर शोर से उठाते हुए नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने सहारनपुर के साथ ही राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर के करीब अवैध घोषित की गई मस्जिदों पर हो रही कार्रवाई के मुद्दे को भी उठाया है.
ओवैसी ने आरोप लगाया है कि देश में नफरत का माहौल पैदा करने वाली बीजेपी बुनियादी मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए मुसलमानों के इबादतगाहों को निशाना बना रही है. ओवैसी ने रविवार रात जयपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सहारनपुर के साथ ही राजस्थान में पाकिस्तानी सीमा के करीब 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाली तमाम मस्जिदों को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का कोई भी आदमी उस जगह बॉर्डर पार कर भारत में दाखिल नहीं हो सकता, जहां हिंदू और मुसलमान साथ मिलकर रहते हैं.
राजस्थान सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकारी स्कूल बदहाल हैं. बिल्डिंग जर्जर हो चुकी हैं. बच्चों के लिए शौचालय नहीं है. अस्पतालों में लोगों का इलाज नहीं हो पा रहा है. मेडिकल कॉलेज में आग लगने से मरीजों की मौत हो रही है. महिलाओं की इज्जत के साथ खिलवाड़ हो रहा है. आए दिन रेप की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन बीजेपी की सरकार इन मुद्दों पर बात करने के बजाय कभी यूनिफॉर्म सिविल कोड का राग अलापती है तो कभी हिंदू मुसलमान को आपस में लड़ाकर लोगों का ध्यान भटकाती है.
हनुमान बेनीवाल और ओवैसी में समझौता
जयपुर की चुनावी जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी ने एक तरफ बीजेपी पर जमकर निशाना साधा तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी को भी लपेटा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस मानती है कि लोग मजबूरी में उसे वोट देंगे. ओवैसी के मुताबिक राजस्थान समेत समूचे देश में लोग अब एक नए विकल्प की तलाश में हैं. उन्होंने राजस्थान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल के साथ समझौता किया है.
ओवैसी के साथ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंच शेयर किया. उन्होंने राजस्थान की भजन लाल शर्मा सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पेपर लीक हो रहे हैं. युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. हर तबका परेशान है. हनुमान बेनीवाल ने कहा कि वह राजस्थान को तीसरा विकल्प देने की कोशिश कर रहे हैं. उनके मुताबिक असदुद्दीन ओवैसी के साथ समझौता विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी जारी रहेगा.
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