चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का क्या होता है काम, क्या उनसे करा सकते हैं चौकीदारी?
भूमिका पंवार September 11, 2026 08:12 PM

सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और दूसरे विभागों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रोजमर्रा के कई जरूरी काम संभालते हैं. इन कर्मचारियों को आम तौर पर कार्यालय के सहायक कामों के लिए रखा जाता है, लेकिन उनकी जिम्मेदारी सिर्फ एक ही काम तक सीमित नहीं होती. अलग-अलग विभाग और पद के हिसाब से ड्यूटी में अंतर हो सकता ह.। राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे को लेकर इन दिनों धरना भी चर्चा में है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियुक्त व्यक्ति से किस तरह के काम लिए जा सकते हैं और क्या उसे चौकीदारी की ड्यूटी दी जा सकती है. 

 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का क्या होता है काम?

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यानी ग्रुप-डी स्तर के कर्मचारियों से आमतौर पर कार्यालय के सहायक और गैर-तकनीकी काम लिए जाते हैं. इसमें फाइल या दस्तावेज एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना, कार्यालय की व्यवस्था में सहयोग करना, सामान लाने-ले जाने जैसे काम शामिल हो सकते हैं. हालांकि हर विभाग में जिम्मेदारियां एक जैसी नहीं होतीं. उदाहरण के लिए राजस्थान के एक सरकारी आदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को विद्यालय के कमरों और परिसर की साफ-सफाई में सहयोग करने की जिम्मेदारी का जिक्र मिला है.

क्या चौकीदारी करवा सकते हैं?

इसका जवाब हर मामले में एक जैसा नहीं हो सकता. अगर संबंधित विभाग के सेवा नियम, नियुक्ति आदेश या ड्यूटी आदेश में कर्मचारी से ऐसा काम लेने की व्यवस्था है, तो विभागीय जरूरत के हिसाब से जिम्मेदारी दी जा सकती है. लेकिन केवल यह मान लेना कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है तो उससे चौकीदारी करवा सकते हैं, सही तरीका नहीं है. राजस्थान सरकार के रिकॉर्ड में कुछ जगह चौकीदार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अलग-अलग पदों के रूप में दर्ज हैं. 

देश के किस शहर में सबसे ज्यादा हैं आईफोन यूजर्स, हैरान कर देंगे आंकड़े

राजस्थान में क्यों हो रहा धरना?

राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर विरोध चल रहा है. कर्मचारियों का कहना है कि उनसे उनकी नौकरी से जुड़े काम के बजाय चौकीदारी जैसे काम करवाए जा रहे हैं. इसी बात को लेकर कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में धरना दे रहे हैं. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि हर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की ड्यूटी एक जैसी नहीं होती.  इसलिए इस विवाद में भी यह देखना जरूरी है कि कर्मचारियों की नियुक्ति किस पद पर हुई है और सरकार ने उनकी ड्यूटी के लिए क्या नियम तय किए हैं.

अधिकारी दूसरा काम दे सकते हैं?

सरकारी कर्मचारी को उसकी ड्यूटी से जुड़े सहायक काम दिए जा सकते हैं, लेकिन यह भी संबंधित विभाग के नियम और आदेशों के दायरे में होना चाहिए.  इसका मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी से कोई भी काम बिना नियम देखे कराया जा सकता है. खासकर अगर किसी काम में नियमित रात की ड्यूटी, सुरक्षा की जिम्मेदारी या अलग पद की जिम्मेदारियां शामिल हैं तो उसके  संबंधित आदेश देखना जरूरी होगा.

कर्मचारी क्या कर सकते हैं?

अगर किसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को उसकी ड्यूटी को लेकर आपत्ति है तो सबसे पहले उसे अपना नियुक्ति आदेश, विभाग के सेवा नियम और ड्यूटी से संबंधित लिखित आदेश देखना चाहिए. इसी से पता चलेगा कि उससे कौन-सा काम लिया जा सकता है. राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती और नियुक्ति से जुड़े आधिकारिक आदेश अभी भी जारी हो रहे हैं.

कैसे होता है बुलेट ट्रेन का ट्रायल, इसमें क्या किया जाता है मॉनिटर?

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.