Pneumonia Symptoms in Newborns: निमोनिया का खतरा बड़ों से ज्यादा नवजात बच्चों में होता है. वह नादान और बोलने की क्षमता ना रख पाने के कारण अपने डिसकंफर्ट को सामने भी नहीं रख पाते हैं. इससे निमोनिया का खतरा बढ़ता चला जाता है. मगर इन सबके बावजूद उनका शरीर चीख-चीखकर निमोनिया के लक्षणों के बारे में बताता है, जिसको जानकर आप बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में पता लगा सकते हैं.
निमोनिया एक गंभीर श्वसन रोग है, जो सीधा फेफड़ों को प्रभावित करता है. यह बैक्टीरिया, वायरस, फंगस के कारण होता है. बच्चों के फेफड़े और इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण निमोनिया जल्दी और प्रभावी ठंग से अटैक करता है. इसीलिए माता-पिता को इसके शुरुआती लक्षणों को जानना जरूर चाहिए.
इन लक्षणों को समझकर आप बच्चे के अंदर निमोनिया के लक्षण को भांप सकते हैं. इसके बचाव के लिए कई तरीके हो सकते हैं. जैसे कि शिशुओं का टीकाकरण, सही समय पर टीकाकरण आपके बच्चे को निमोनिया से लड़ने के लिए अंदर इम्यूनीटि विकसित कर देता, जिससे निमोनिया का खतरा काफी कम हो जाता है. स्वच्छता रखने से भी निमोनिया का खतरा कम हो सकता है. इसके अलावा मां के दूध में कई ऐसे एंजाइम्स पाए जाते हैं, जो कि बच्चे की इम्यूनिटी को दुगनी तेजी से बूस्ट करता है. इसीलिए शुरुआत में बच्चों को मां का दूध जरूर पिलाएं. इससे आपका बच्चा ऐसे संक्रमण से बच सकता है.
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इसे केवल सुझाव के तौर पर लें. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. (Photo Credit- Printerest)