पानी हमारे शरीर के लिए जीवनदायी है। यह न केवल अंगों और ऊतकों की सुरक्षा करता है, बल्कि शरीर को हाइड्रेट रखने और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी मदद करता है। जब एक सामान्य व्यक्ति के लिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी होता है, तो गर्भवती महिलाओं के लिए यह और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
अगर प्रेगनेंसी के दौरान पानी की सही मात्रा न ली जाए, तो यह मां और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आइए जानते हैं कि प्रेगनेंसी में कितना पानी पीना चाहिए और कम पानी पीने से क्या नुकसान हो सकते हैं।
प्रेगनेंट महिला को कितना पानी पीना चाहिए?गर्भावस्था के दौरान शरीर को सामान्य से अधिक पानी की आवश्यकता होती है। हालांकि, हर महिला की शारीरिक स्थिति, वजन, मौसम और एक्टिविटी लेवल के आधार पर पानी की जरूरत अलग-अलग हो सकती है।
एक्सपर्ट्स की सलाह:
प्रेगनेंसी के दौरान रोजाना 7 से 8 गिलास (लगभग 2-3 लीटर) पानी पीना चाहिए।
अगर गर्मी का मौसम है या ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी हो रही है, तो पानी की मात्रा थोड़ी और बढ़ाई जा सकती है।
फ्रूट जूस, नारियल पानी और सूप जैसे लिक्विड भी हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
1. डिहाइड्रेशन का खतरा:
कम पानी पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे मां और बच्चे दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है।
2. पोषक तत्वों की कमी:
शरीर में जरूरी पोषक तत्वों का अवशोषण सही तरीके से नहीं हो पाता, जिससे बच्चे के विकास पर असर पड़ सकता है।
3. पाचन संबंधी समस्याएं:
प्रेगनेंसी में कब्ज और एसिडिटी की समस्या आम होती है, और पानी की कमी इसे और बढ़ा सकती है।
4. सिरदर्द और चक्कर आना:
डिहाइड्रेशन की वजह से सिर में दर्द, मिचली, मरोड़ और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
5. हाथ-पैर में सूजन:
गर्भावस्था में पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में पानी जमा होने लगता है, जिससे हाथ-पैर में सूजन हो सकती है।