यदि आप सरकारी सेवा में हैं या पेंशनभोगी हैं, तो यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण है। सरकार ने 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया आरंभ कर दी है, जिसमें सबसे पहले फिटमेंट फैक्टर को अंतिम रूप दिया गया है। इसी के आधार पर कर्मचारियों की वेतन और पेंशन में वृद्धि की जाएगी।
सरकारी वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर का एक महत्वपूर्ण स्थान है। यह एक गुणांक (Multiplier) होता है, जिसका उपयोग मूल वेतन को गुणा करके नए वेतन की गणना के लिए किया जाता है। यह केवल बेसिक सैलरी पर लागू होता है, लेकिन इसके बढ़ने से अन्य भत्तों पर भी प्रभाव पड़ता है।
वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, लेकिन भत्तों के साथ उनकी कुल सैलरी इससे कहीं अधिक होती है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बार 2.86 के फिटमेंट फैक्टर को लागू करने की योजना बना रही है। यदि यह लागू होता है, तो सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 51,000 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा 1.92 से 2.86 के बीच रह सकता है।
पिछले वेतन आयोगों में हर बार वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है:
इस बार सरकार वेतन को स्तर के अनुसार बढ़ाने की योजना बना रही है, जिससे विभिन्न ग्रेड के कर्मचारियों को अलग-अलग लाभ मिलेंगे।
सरकार 8वें वेतन आयोग के गठन की दिशा में बड़े कदम उठाने जा रही है। सबसे पहले आयोग का गठन किया जाएगा और उसके अध्यक्ष तथा अन्य सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा, जिसे सरकार को सौंपा जाएगा।
यदि सब कुछ समय पर हुआ, तो इसे 2025 तक लागू किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सरकारी कर्मचारी संगठन लगातार महंगाई को ध्यान में रखते हुए फिटमेंट फैक्टर को अधिक रखने की मांग कर रहे हैं। National Council of Joint Consultative Machinery (NC-JCM) ने सरकार से अनुरोध किया है कि वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य लाभों की समीक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
अब यह देखना होगा कि सरकार इस मांग को कितना मानती है और कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग में कितनी राहत मिलती है। लेकिन यह निश्चित है कि यदि 2.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में भारी वृद्धि होगी।