एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने बताया कि मुठभेड़ बिछिया थाना क्षेत्र में हुई। मुठभेड़ स्थल से एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक साधारण राइफल, एक वायरलेस सेट और कुछ दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गईं। मकवाना ने बताया कि अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि दोनों नक्सलियों पर 14-14 लाख रुपए का इनाम था। उन्होंने कहा, मैं सुरक्षाबल के सभी जवानों को उनकी बहादुरी और साहस के लिए बधाई देता हूं। यह सफलता निश्चित रूप से आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मार्च 2026 तक भारत को नक्सल समस्या से पूरी तरह मुक्त करने के संकल्प को गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और मध्यप्रदेश आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त होगा।
मप्र पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों कट्टर महिला नक्सली माओवादियों के एमएमसी (मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) जोन के केबी (कान्हा भोरमदेव) डिवीजन के भोरमदेव एरिया कमेटी की सदस्य थीं। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के मुंडीदादर-गनेरीदादर-परसाटोला वन क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के बाद सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान शुरू किया। माओवादियों ने सुरक्षाबलों को हताहत करने और उनके हथियार लूटने के इरादे से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
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अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में दो वर्दीधारी कट्टर महिला माओवादी मारी गईं। अधिकारी के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में से एक की पहचान एसीएम (एरिया कमेटी सदस्य) ममता उर्फ रमाबाई के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के करोची थाना अंतर्गत मुरकुडी की निवासी एसजेडसीएम, केबी डिवीजन के राकेश ओडी की पत्नी थी। उसके पास से एक सिंगल-शॉट राइफल बरामद की गई।
दूसरी नक्सली की पहचान एसीएम प्रमिला उर्फ मासे मंडावी, भोरमदेव एरिया कमेटी के रूप में हुई है। वह छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के चिंतलनार थाना अंतर्गत पालीगुढ़ेम की निवासी थी। अधिकारी ने बताया कि उसके पास से एक एसएलआर बरामद की गई है। अधिकारी के अनुसार, राज्य में यह पहली बार है कि डेढ़ महीने में दो मुठभेड़ों में छह माओवादी मारे गए हैं। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour