मुकेश अंबानी की कंपनी Jio पर BSNL ने लुटा दिए 17570000000 रुपये! कैग की रिपोर्ट में सामने आई सच्चाई

सरकारी दूरसंचार कंपनी भारतीय संचार निगम लिमिटेड (BSNL) बंद होने के कगार तक पहुंच गई है. अब इस कंपनी पर आरोप लग रहे हैं कि बीएसएनएल ने भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की कंपनी जियो पर 17570000000 रुपये लुटा दिए. कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) की रिपोर्ट में इस मामले का खुलासा हुआ है. बीएसएनएल ने जियो से क्यों नहीं की वसूली?कैग की रिपोर्ट के अनुसार, बीएसएनएल ने रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) से मई 2014 से मार्च 2024 तक 10 साल की अवधि में टावर और अन्य बुनियादी ढांचे के उपयोग के लिए 1,757.56 करोड़ रुपये की राशि वसूल नहीं की. इसके कारण सरकार को बड़ा नुकसान हुआ है. इससे बीएसएनल को भी 38.36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. क्योंकि कंपनी ने राजस्व से लाइसेंस शुल्क का हिस्सा नहीं काटा. यहां समझें पूरी कहानीसाल 2014 में बीएसएनएल और जियो के बीच में मास्टर सर्विस एग्रीमेंट हुआ था. इस एग्रीमेंट के अनुसार जियो को बीएसएनएल के निष्क्रिय बुनियादी ढांचे जैसे टावर बिजली और जगह का इस्तेमाल करने के लिए परमिशन मिली थी. इसके बदले जियो को बीएसएनएल को शुल्क देना था. लेकिन बीएसएनएल ने इस एग्रीमेंट का शक्ति से पालन नहीं किया और जियो से शुल्क नहीं वसूली. इतना ही नहीं जियो ने बीएसएनएल के ढांचे पर अतिरिक्त तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसके लिए भी उन्हें कोई बिल नहीं भेजा गया. बीएसएनएल के कारण सरकार को भारी नुकसानबीएसएनएल की इस लापरवाही से सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. इसके अलावा बीएसएनएल ने टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स को दिए गए राजस्व से लाइसेंस शुल्क की हिस्सेदारी नहीं काटी, जिससे 38.36 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ. इस मामले में बीएसएनएल या सरकार की तरफ से कोई भी जवाब नहीं आया है. जियो को तैराकर खुद डूब गई BSNLजियो को मुफ्त में बीएसएनएल के संसाधनों का लाभ मिला, जिसने उसे बाजार में बढ़त हासिल की, जबकि बीएसएनएल घाटे में डूबती गई. दिसंबर महीने में ट्राई की तरफ से डाटा जारी किया गया था, जिसके अनुसार जियो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनी बन गई है. देश में जियो के 46.51 करोड़ यूजर हैं. इसके बाद दूसरा नंबर एयरटेल का है जिसके 38.53 करोड़ यूजर्स है.