
डाबर इंडिया लिमिटेड के शेयर में आज करीब 7% की गिरावट देखने को मिल रही है. इसी के साथ यह शेयर 52 वीक के निचले स्तर पर पहुंच गया है. दरअसल, मार्च 2025 को खत्म हुई तिमाही Q4FY25 के लिए एक निराशाजनक बिजनेस अपडेट शेयर किया है. कंपनी ने घरेलू मांग के रुझान में नरमी का संकेत दिया, जिसकी भरपाई लचीली ग्रामीण बिक्री और मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन से हुई।डाबर ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि चौथी तिमाही (Q4) में ग्रामीण बाजार ने शहरी बाजारों को ग्रोथ के मामले में पीछे छोड़ दिया। इसका मतलब है कि ग्रामीण इलाकों में डाबर के प्रोडक्ट की बिक्री शहरी इलाकों की तुलना में ज्यादा बढ़ी।हालांकि, मॉडर्न ट्रेड, ई-कॉमर्स, और क्विक कॉमर्सजैसे चैनल्स ने अपनी पॉजिटिव ग्रोथ जारी रखी, वहीं जनरल ट्रेड दबाव में रहा, यानी पारंपरिक खुदरा बाजार में बिक्री कम रही। कुल मिलाकर, फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर में भी धीमी वॉल्यूम ग्रोथ देखी जा रही है, जिसका असर डाबर की घरेलू (भारत) बिक्री पर पड़ा। मुश्किल में डाबर का घरेलू बिजनेसभारत में डाबर का फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स का बिजनेस मुश्किलों का सामना कर रहा है. कंपनी का कहना है कि इस साल सर्दी का मौसम देरी से आया और बहुत छोटा रहा, जिससे बिक्री पर असर पड़ा. इसके अलावा शहरी इलाकों में मांग में कमी भी एक बड़ा कारण रहा है, जिसके चलते घरेलू बिक्री में गिरावट आई. डाबर को अपने मुनाफे में गिरावट की उम्मीदडाबर को उम्मीद है कि उसके ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन साल दर साल लगभग 150-175 बेज़िस प्वाइंट्स तक घट सकते हैं। इनका मानना है कि कंपनी का मुनाफा पहले के मुकाबले कम हो सकता है। कंपनी ने इस गिरावट का कारण महंगाई दबाव और ऑपरेटिंग डिलिवरेज को बताया है, यानी खर्चों में बढ़ोतरी और फिक्स्ड खर्चों को कवर करने में कठिनाई आ रही है।हालांकि, इन हालिया चुनौतियों के बावजूद, डाबर का ध्यान लंबे समय में प्रॉफिटेबल ग्रोथ पर है। कंपनी ब्रांड इन्वेस्टमेंट, बेहतर मार्केट स्ट्रेटजीज और ऑपरेशनल एफिशिएंसीज़ के जरिए अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने पर फोकस कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में डाबर के प्रोडक्ट की बिक्री शानदार रहीडाबर के प्रोडक्ट अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में जैसे मध्य पूर्व और उत्तर अफ्रीका, मिस्र, और बांगलादेश ने शानदार प्रदर्शन किया। इन देशों में कंपनी की बिक्री मजबूत रही। डाबर का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से उसे स्थिर मांग और स्ट्रेटेजिक एक्सपेंशन के चलते डबल डिजिट में मजबूत ग्रोथ देखने को मिलेगी। इसका मतलब है कि कंपनी को इन देशों से अच्छे रिटर्न की उम्मीद है, खासकर जब करेंसी के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखा जाएगा।